ज्वालापुर स्थित जामा मस्जिद तिराहे पर मुस्लिम समाज के युवाओं ने नारेबाजी करते हुए पाकिस्तान का पुतला फूंका। युवाओं ने पाकिस्तान को आंतकवाद समर्थित देश बताते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया और पाकिस्तान से सभी संबंध समाप्त करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में हिंदु समुदाय के भी कई युवक शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए हाजी शहाबुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान बार-बार नापाक हरकतें कर देश के अमन चैन को समाप्त करने की फिराक में है। लेकिन देश के वीर सैनिक अपने प्राणों की आहूति देकर पाकिस्तान की किसी भी चालक को कामयाब नहीं होने दे पा रहे हैं। ऐसे में भारत को पाकिस्तान के साथ संबंध समाप्त कर देने चाहिए। मुस्लिम समाज आतंकवाद के खिलाफ है। हाजी इरफान अंसारी ने कहा कि पाकिस्तान का जितना भी विरोध किया जाए कम है। पूरा देश सैनिकों के साथ खड़ा है, लेकिन किसी भी कीमत पर आतंकवाद का खातमा होना चाहिए। अंकित चौहान ने कहा कि भारत सौहार्द एवं एकता की मिसाल है। देश का सच्चा मुसलमान देश के लिए अपने प्राणों को भी न्यौछावर कर सकता है। अफजल अंसारी ने कहा कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं है। आतंकवाद मानवता के लिए एक कलंक है। आतंकवाद का नामोनिशान मिटा देना चाहिए। विरोध प्रदर्शन करने वालों में अजमत, वक्कार, जावेद पीर, सैफ, बशर, जोनी, चौधरी अफजल अल्वी, सुनहरा अंसारी, चादं मुजम्मिल, मुस्तकीम अंसारी, बीएस तेजियान, नावेद खान आदि शामिल थे।