सीएम पुष्कर सिंह धामी की ओर से 2022-23 के बजट के लिए हुए संवाद कार्यक्रम में मेयर अनीता शर्मा ने आय घटने और आबादी बढ़ने का हवाला देते हुए अतिरिक्त बजट की मांग की। साथ ही दस साल में हुई दोगुना जनसंख्या पर पर्यावरण मित्रों की संख्या भी दोगुना और पर्यावरण मित्रों के बराबर ही संविदा कर्मचारियों मानदेय करने का प्रस्ताव दिया।
मेयर अनीता शर्मा ने सीएम को बताया कि नगर निगम हरिद्वार क्षेत्र में वर्ष 2011 की जनसंख्या ढाई लाख थी। उसी के अनुसार पर्यावरण मित्र 469 आसपास आज भी शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं। जबकि वर्तमान में अनुमानित संख्या 5 लाख हो चुकी है। इस हिसाब से आज के समय में नौ सौ पर्यावरण मित्र होने चाहिए।
बताया कि नगर निगम की ग्राम जगजीतपुर स्थित भूमि से पूर्व में अनुमानित दो से तीन करोड़ का राजस्व प्राप्त होता था, लेकिन अब इस जमीन पर अस्पताल बनाए जाने के लिए आवंटित कर दी गई है। जिसमें निगम का राजस्व कम हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों की देनदारियां भी बढ़ी हैं। उसको देखते हुए निगम के लिए अतिरिक्त धनराशि बजट में देने का प्रस्ताव दिया गया। कहा कि नगर निगम का भवन ब्रिटिशकाल का बना हुआ है, जो अत्यंत जर्जर और जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। जिसके लिए उन्होंने नया कार्यालय बनाने के लिए धनराशि मांगी। रेलवे स्टेशन से शिवमूर्ति नाले को कवर एवं सीसी निर्माण कराये जाने के लिए भी अतिरिक्त बजट मांगा। कहा कि उत्तराखंड में कार्यरत समस्त पर्यावरण मित्रों को 500 रुपये प्रतिदिन मानदेय दिए जाने की घोषणा के बाद शेष संविदा कर्मचारियों का भी डेढ़ सौ रुपये का प्रतिदिन का मानदेय बढ़ाया जाए। क्योंकि उन्हें अभी तक साढ़े तीन सौ रुपये प्रति दिन के हिसाब से मिल रहे हैं। डेढ़ सौ बढ़ने से उन्हें भी पांच सौ रुपये का मानदेय मिल जाया करेगा।