फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दून गैस पाइपलाइन ने पकड़ी रफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। हरिद्वार से देहरादून के लिए डाली जाने वाले मेन गैस पाइप लाइन के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। गेल इंडिया के अधिकारियों का दावा है कि सितंबर तक गैस पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा और इसके बाद राजधानी के लोगों को घर पर ही गैस मिलनी शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन

पहले शिवालिकनगर और उसके बाद हरिद्वार शहर के कई इलाकों में लाइन बिछाने के बाद गेल इंडिया ने देहरादून के लिए गैस की मेन पाइप लाइन डालने के लिए काम शुरू किया था। लॉकडाउन लगने के कारण काम रुक गया था। अब अनलॉक टू शुरू होने के बाद काम ने गति पकड़ी ली है।
इसके बाद गेल गैस इंडिया लि. के सिटी प्लान से ऋषिकेश और मसूरी को जोड़ने का काम शुरू होगा। मेन पाइप लाइन डालने का काम पूरा होने के बाद देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी के लोगों की रसोई सीधे पानी की तरह एलपीजी पाइप लाइन से जुड़ जाएगी। लोगों को गैस सिलिंडर लेने के लिए घंटों तक गैस एजेंसी और गोदाम के बाहर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। इतना ही नहीं सीधे किचन में मिलने वाली गैस रसोई गैस सिलिंडर से सस्ती होगी। परियोजना इंचार्ज बख्तावर सिंह कहना है कि लॉकडाउन के कारण लगभग तीन महीने की देर हो गई है। अब काम तेजी से किया जा रहा है और सितंबर तक इसको पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन

---------
कुंभ नगरी में अगस्त में पूरा होगा काम
हरिद्वार। हरिद्वार में गैस पाइप लाइन डालने का काम अगस्त में पूरा हो जाएगा। कुंभ के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण क्षेत्र कनखल में इसी महीने गैस पाइपलाइन को चालू करने की योजना है। गेल गैस इंडिया लि के परियोजना प्रबंधक प्रंजय जोशी ने बताया कि कुंभ क्षेत्र में सप्तऋषि, भूपतवाला, हरकी पैड़ी, मध्य हरिद्वार और कनखल को लिया गया है। इन सभी क्षेत्रों में मेन पाइप लाइन डालने का काम जारी है। अगस्त तक कुंभ से जुड़े सभी क्षेत्रों में मेन लाइन डालने का काम पूरा करा लिया जाएगा । कनखल में महानिर्माणी अखाड़ा, बड़ा अखाड़ा, निर्मल अखाड़ा, उदासीन पंचायत अखाड़ा के अलावा कई बड़े आश्रम व मठ-मंदिर है। इन सभी को कुंभ से पहले एलपीजी की लाइन से जोड़ा जाएगा।
----------
सुरक्षा के लिए डाले हैं आरसीसी के स्लैब
हरिद्वार। भीमगोड़ा से हरकी पैड़ी और संकरी अपर रोड पर भूमिगत बिजली की लाइन के साथ ही गैस पाइप लाइन डाली गई है। परियोजना प्रबंधक प्रंजय जोशी ने बताया कि दोनों लाइनों में जहां-जहां पर दूरी कम है। सुरक्षा के लिए गैस पाइपलाइन के ऊपर आरसीसी स्लैब डलवाए गए हैं। इससे मरम्मत के लिए कभी खुदाई की जरूरत पड़ेगी तो आरसीसी स्लैब से पता चल जाएगा कि नीचे गैस पाइप लाइन है। उन्होंने बताया कि गैस की पाइप लाइन को पांच फीट की गहराई में डाला गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें