श्री निरंजनी मायापुर रामलीला में मंचन करते कलाकार ।
- फोटो : HARIDWAR
बड़ी रामलीला में मंगलवार को शबरी राम दर्शन, सुग्रीव मैत्री और बालि वध की लीला का मंचन हुआ। कलाकारों ने दिखाया की भावनाएं पवित्र हों तो इच्छित फल की प्राप्ति होती है। संकट को टालने वाले मित्र भी स्वत: ही मिल जाते हैं। परस्पर सहयोग की भावना बने तो मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं। अनाधिकार चेष्टा करने वाला कितना ही बलवान क्यों न हो उसे दंड अवश्य मिलता है।
श्रीरामलीला कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील भसीन, महामंत्री महाराज कृष्ण सेठ और मुख्य दिग्दर्शक भगवत शर्मा के निर्देशन में मायापुर स्थित रंगमंच से कलाकारों ने दर्शाया कि शबरी एक भील कन्या थी, वह मतंग ऋषि के आश्रम में निस्वार्थ भाव से सेवा करती थी। उसको ऋषि ने आशीर्वाद दिया कि उसे दर्शन देने भगवान स्वयं उसके पास आएंगे। श्रीराम और लक्ष्मण स्वयं शबरी की कुटिया में पहुंचते हैं। शबरी ने भगवान को बेर खिलाए और सुग्रीव से मिलने का मार्ग प्रशस्त किया। रुद्रावतारी हनुमान ने राम-सुग्रीव की मैत्री कराई और राम ने सुग्रीव का राज्य वापस दिलाया तो सुग्रीव ने मां सीता का पता लगाने का आश्वासन दिया।
राम का अभिनय साहिल मोदी, लक्ष्मण की पात्रता का निर्वाह सुनील शर्मा ने किया। सुग्रीव के रूप में जितेंद्र खन्ना और बालि की पात्र शिवचरण सूद ने निभाया। संचालन डा. संदीप कपूर और विनय सिंघल ने किया। इस दौरान श्रीरामलीला संपत्ति कमेटी के अध्यक्ष गंगा शरण मददगार, श्रीरामलीला कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र चड्डा, संपत्ति कमेटी के मंत्री रविकांत अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रविंद्र अग्रवाल, मंत्री डा. संदीप कपूर, प्रेस प्रवक्ता विनय सिंघल, रमन शर्मा आदि मौजूद रहे।