गर्मी शुरू होते ही गंगा और गंगनहर में डुबकी लगाने वालों की भीड़ यकायक बढ़ गई है। चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए लोग नहाने दौड़ लगा रहे हैं। खुद की जान की परवाह किए बगैर कई लोग घाटों पर लगी रेलिंग लांघकर बहाव क्षेत्र में छलांग लगा रहे हैं। लापरवाही की यह छलांग मौत के मुंह में खींच रही है। हर हफ्ते हरिद्वार क्षेत्र में दो से तीन लोग गंगा और गंग नहर में डूबकर जान गंवा रहे हैं।
हरिद्वार में सालभर देश के कोने कोने से श्रद्धालु आते हैं। हरकी पैड़ी और आसपास घाटों पर डुबकी लगाते हैं। गर्मी में डुबकी लगाने वालों की संख्या बढ़ जाती है। घाटों पर भीड़ बढ़ने पर कई लोग गंगा के मुख्य बहाव वाले क्षेत्र में कूद जाते हैं। मुख्य धारा में जाने से रोकने के लिए घाटों पर रेलिंग लगाई गई है। सुरक्षा चेन भी लगाए हैं। लेकिन लोग रेलिंग पर खड़े होकर ही मुख्य धारा और गंग नहर में छलांग लगाते हैं। इनमें बाहरी श्रद्धालुओं के अलावा स्थानीय लोग भी शामिल हैं। कई गोताखोर भी हैं। लेकिन हर डुबकी में किस्मत साथ नहीं देती है। कुछ लोग पानी के बहाव के साथ बह जाते हैं।
गंगनहर पर भी कई घाट बने हैं। आजकल इनमें भी दोपहर में काफी भीड़ उमड़ रही है। पुलिस और सिंचाई विभाग ने घाटों पर गंगा की गहराई से सावधान रहने संबंधी जागरूकता बोर्ड नहीं लगाए हैं।