कोरोनाकाल में दो साल बाद शुरू होने वाली श्रावण मास की कांवड़ यात्रा इस बार पुलिस-प्रशासन का इम्तिहान लेगी। चारधाम यात्रा, स्नान पर्वों और वीकेंड पर ही हरिद्वार में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ रही है, जिससे हाईवे से लेकर बाजारों में जाम लग रहा है। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन की ओर से अभी से तैयारियां किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। दावे धरातल पर कितने साकार होंगे, यह यात्रा के दौरान ही पता चलेगा।
इस साल हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। महाशिवरात्रि से लेकर निर्जला एकादशी के स्नान तक हर स्नान पर लाखों की भीड़ जुटी है। फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर भी कांवड़ यात्रा में काफी भीड़ उमड़ी थी। इसके चलते सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे को भारी वाहनों के लिए बंद करना पड़ा था। जुलाई में शुरू होने वाली श्रावण मास की कांवड़ में भी काफी संख्या में लोगों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। शिवरात्रि से पहले तीन दिनों तक तो हरियाणा, यूपी, दिल्ली के डाक कांवड़ियों के चौपहिया व दोपहिया वाहन भी लाखों की संख्या में पहुंचेंगे। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की अभी से तैयारियां करने के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में कांवड़ यात्रा पुलिस व प्रशासन का इम्तिहान लेगी।
ई-रिक्शा और ऑटो की मनमानी
शहर में इस समय ई-रिक्शा व ऑटो की मनमानी है। स्नान पर्वों व वीकेंड के दिन तो ऑटो व ई-रिक्शा चालक गलियों तक के भीतर घुस जाते हैं। देवपुरा से सिटी पोस्ट ऑफिस तक वन-वे की व्यवस्था लागू थी, जबकि पोस्ट आफिस से भीमगोड़ा बैरियर तक जीरो जोन है। वन वे व्यवस्था में ऑटो व ई-रिक्शा चालक धज्जियां उड़ा रहे हैं। कई वाहन तो परमिट रूटों से बाहर चलते हैं। इस वजह से सड़कों पर दबाव बढ़ता है और जाम से जूझना पड़ता है।