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तापमान तो बढ़ा, लेकिन कम नहीं हुई ठंड

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धर्मनगरी पर छाई कोहरे की चादर । - फोटो : HARIDWAR
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बुधवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में वृद्धि के बाद भी लोगाें को ठंड से राहत नहीं मिल पाई। सुबह के समय कोहरा छाया रहता है। कोहरा छंटता तो कुछ ही देर बाद आसमान में बादल छा जाते हैं। ऐसे में लोगों को चंद घंटों के लिए सूरज के दर्शन होते हैं। ग्रामीण इलाकों में भी कई दिनों बाद दो घंटे आसमान खुला। दूसरी तरफ 21 और 22 जनवरी को संभावित बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींचने लगी हैं। बारिश होने से न केवल ठंड बढ़ेगी बल्कि फसलों को भी नुकसान की आशंका है।
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पिछले सप्ताह पूरे प्रदेश के साथ जनपद में लगातार चार दिन बारिश हुई थी। बारिश और तेज हवा चलने से जनजीवन प्रभावित हुआ था। किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। चार दिन की बारिश थमी तो उसके बाद कोहरे ने कहर बरपाना शुरू कर दिया। हर दिन देर रात से ही शहर से लेकर देहात तक कोहरा छाने लगता है। रात खुलने पर भी कोहरे के कारण अंधेरा पसरा रहता है। दिन में दस और ग्यारह बजे के बाद ही कोहरा छंटता है। कुछ दिन तो पूरे दिन ही कोहरा नहीं छंटा और सूर्य भगवान के दर्शन ही नहीं हुए। अब पिछले दो चार दिन से कोहरा और बादल छाने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह के समय कोहरा छाया रहता है। कोहरा छंटता तो कुछ देर बाद ही आसमान में बादल छा जाते हैं। धूप नहीं निकलने से लोगों को शीत लहर का का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 14.5 और न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम चार डिग्री था। तापमान में मामूली वृद्धि हुई और आसमान भी खुला, लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली। लोग ठंड से बचने के उपाय करते नजर आए। पथरी क्षेत्र में भी बुधवार दोपहर में दो घंटे सूरज निकला, लेकिन फिर से बादल घिरने से खास राहत नहीं मिली। संभावित बारिश की आशंका से किसान परेशान हैं।
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अब बारिश हुई तो होगा ज्यादा नुकसान
मौसम विभाग ने प्रदेश के साथ जनपद में अगले दो दिन 21 और 22 को बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि यदि अब ज्यादा बारिश हुई तो फसलों को नुकसान होगा। पथरी क्षेत्र के किसान सुशील सैनी, देशराज सैनी, विनोद आदि का कहना है कि पिछले सप्ताह खूब बारिश हुई और आलू की फसल को नुकसान हुआ है। अब बारिश हुई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। लालढांग के किसान ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि इस वक्त बारिश की जरूरत नहीं है। गेहूं और अन्य फसलों के लिए बारिश नुकसानदेह होगी। धनौरी के किसान महिपाल सैनी बताते हैं, कोहरा और पाले से सब्जियों को नुकसान हो रहा है। बारिश हुई तो किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है। महिपाल बताते हैं, गुड़ बनाने का काम भी ठप्प पड़ा है। बारिश हुई तो धंधा पूरी तरह चौपट हो जाएगा।
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