आईआईटी के प्रोफेसर अरुण कुमार की हत्या उनके ही पूर्व ड्राइवर ने की थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार को कोतवाली सिविललाइंस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी राजीव स्वरूप ने बताया कि 27 अगस्त की रात को प्रोफेसर अरुण कुमार के सरस्वती कुंज आवास में उनकी गला रेत कर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हत्या की जांच के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जेएस पुंडीर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया था।
जांच के दौरान पठानपुरा, राव जी वाली गली, सिविललाइंस, रुड़की निवासी हिदायत अली पर भी शक हुआ। हिदायत अली प्रोफेसर अरुण समेत अन्य प्रोफेसरों की कार ऑन डिमांड चलाता था।
पुलिस ने शक के आधार पर हिदायत अली को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ी पूछताछ में उसने प्रोफेसर की हत्या करने की बात कबूल की। उसने बताया कि प्रोफेसर अरुण कुमार अपनी पूर्व पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करता था।
यह देख उसका खून खौल जाता था। यही नहीं प्रोफेसर कई बार चालक के साथ लड़की और महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करता रहता था। इस पर पूर्व चालक के मन में प्रोफेसर के प्रति घृणा हो गई थी। एसएसपी ने बताया कि 27 अगस्त की रात को पूर्व चालक प्रोफेसर से मिलने उनके आवास पर गया था।
उस रात प्रोफेसर ने फिर से उसके सामने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर उसका खून खौल गया और उसने गुस्से में आकर चाकू से उसका गला रेत दिया था। हत्या करने के बाद लाइटर से उसके कपड़ों में आग लगा दी थी।
इसके बाद हत्यारोपी प्रोफेसर के घर से दो मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन और चाकू बरामद कर लिया है। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।