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कहीं लटके मिले ताले तो कहीं योगाभ्यास की खानापूर्ति

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर धर्मनगरी से देश-दुनिया को योग से निरोगी होने का संदेश दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के वेलनेस सेंटर योग दिवस के दिन भी नहीं खुले। कोरोनाकाल में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वस्थ रखने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले थे। इनमें प्रशिक्षक भी तैनात किए गए। इनका मकसद लोगों को योगाभ्यास करवाकर उनकी इम्युनिटी मजबूत करना था, लेकिन वेलनेंस सेंटर कागजों तक सीमित रह गए। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अमर उजाला ने इन सेंटरों की पड़ताल की। सेंटरों पर कहीं ताले लटके मिले तो कहीं महज खानापूर्ति देखने को मिली।
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सुबह 07: 13 बजे
धनौरी केंद्र पर मिला ताला
धनौरी गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र पर ताले लग रहे। वहीं, जसवावाला केंद्र पर भी ताला लटका रहा। ग्रामीणों का कहना है कि यहां योग और ध्यान की कोई गतिविधि नहीं होती है। इससे योग दिवस पर भी केंद्रों पर योग, ध्यान नहीं हुआ। इसके कारण हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं।
सुबह 09:00 बजे
कड़च्छ मोहल्ला योग की खानापूर्ति
ज्वालापुर कड़च्छ मोहल्ला में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में सुबह नौ बजे से योग शिविर लगाया जाता है। केंद्र का मुआयना किया गया तो वहां योग शिविर तो चलता मिला, लेकिन उसमें भी केवल एएनएम रूमा तनेजा, फार्मेसिस्ट खुशबू, लैब टेक्निशियन शीला और एक अन्य महिला कर्मचारी के साथ दो बच्चे योग करते हुए मिले। इसके अलावा पौने 10 बजे तक कोई स्थानीय व्यक्ति योग के लिए नहीं आया।
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सुबह 09:17 बजे
शिवलोक कॉलोनी में न योग और न ध्यान
शिवलोक कॉलोनी में बनाए गए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सुबह नौ से 10 बजे तक योग, ध्यान आदि कराने का दावा किया गया, लेकिन जब सुबह केंद्र पर जाकर देखा गया तो यहां योग होता नहीं मिला। केवल योग करने की तैयारी दिखी। कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि लोगों ने केंद्र पर आने से मना कर दिया है, इसलिए योग शिक्षक मंजू दूसरे स्थान पर लोगों को योग क्रियाएं कराती हैं, लेकिन आज योग दिवस है तो योग कराया जाएगा।
जहां-जहां हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर बनाए गए हैं, अगर वहां योग और ध्यान आदि गतिविधियां कराने में लापरवाही की जा रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. कुमार खगेंद्र सिंह, सीएमओ, हरिद्वार
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