कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस में उनके साथ न्याय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस को स्थापित करने में जितना योगदान हरीश रावत का है, उसका 10-20 प्रतिशत सहयोग तो मेरा भी है। लेकिन आज तक वह न्याय के लिए तरस रहे हैं।
रानीपुर मोड़ के निकट एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में किशोर उपाध्याय ने कहा कि राज्य गठन के बाद से ही कांग्रेस में उनकी उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि अमेठी में जब वो राजीव गांधी के चुनाव प्रभारी थे। तब वो भारी मतों से जीते थे। उसके बाद राजीव गांधी ने उन्हें वहीं से चुनाव लड़ने का आग्रह भी किया।
उन्होंने कहा कि मैने वहां से चुनाव न लड़कर पहाड़ क्षेत्र का विकास करना उचित समझा। 2002 में कांग्रेस सरकार में उन्हें मंत्री होना चाहिए था। वह लाभ उन्हें नहीं मिला। पहले ही संगठन में बड़ा पद मिल जाना चाहिए था, वो नहीं मिला।
राज्यसभा जाने तक में भी उनके साथ भेदभाव किया गया, लेकिन वह आज भी जो वह हैं, वह फिर भी कांग्रेस पार्टी की ही देन है। वो कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। वह प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए सदैव काम करते रहेंगे। इस मौके पर कांग्रेसी नेता विभाष मिश्रा भी मौजूद रहे।