हरिद्वार। प्रदेश के डीजीपी सहित पुलिस के तमाम आला अधिकारी सोमवार दोपहर निरीक्षण के दौरान हरकी पैड़ी पर जूते पहनकर पहुंचे तो तीर्थ पुरोहित भड़क गए। सभी ने निर्णय लिया कि आज (मंगलवार) गंगा पूजन करने आ रहे मुख्यमंत्री के सामने विरोध दर्ज कराया जाएगा।
व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने आए पुलिस के आलाधिकारी अर्द्धकुंभ के लिए बनाए गए पुल से होते हुए मुख्य हरकी पैड़ी पर उतर आए। गंगा सभा कार्यालय के समक्ष जब पुरोहितों ने उन्हें जूते पहने देखा तो सभी ने नाराजगी व्यक्त की। पुरोहितों की नाराजगी भांपकर उपस्थित सभा के स्वागत मंत्री श्रीकांत वशिष्ठ ने प्लेटफार्म पर दरियां बिछवा दी। उनका उद्देश्य था कि जूते पवित्र भूमि का स्पर्श न कर पाएं। इस पर पुरोहितों का पारा और चढ़ गया। पुरोहितों ने कहा, यह कार्पेट अधिकारियों के सम्मान में बिछवाया गया है। विरोध को देखते हुए अधिकारी तत्काल हरकी पैड़ी से बाहर निकल गए। पुरोहितों ने इस बात पर भी ऐतराज जताया कि तीन दिन पूर्व दो गाड़ियां हरकी पैड़ी आ गई और आरती के समय श्रद्धालुओं को परेशान करते हुए जूता स्टाल से होकर बाहर निकल गए।
अधिकारियों के जाने के बाद पुरोहितों ने गंगा सभा के महामंत्री राम कुमार मिश्रा से नाराजगी जताई। इसको लेकर हरकी पैड़ी और कुशावर्त पर बैठकें भी हुई। वरिष्ठ पुरोहित एवं विहिप के प्रांतीय संयोजक वीरेन्द्र कीर्तिपाल ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री के सामने पुरोहित समाज विरोध दर्ज कराएगा। पंडित शिव कुमार कौशिक, पंडित मोहनलाल सरैये, पंडित हरिओम जयवाल शास्त्री आदि ने हरकी पैड़ी पर जूते लाने के कृत्य की भर्त्सना की।