हरिद्वार। अर्द्धकुंभ की सुरक्षा को रेलवे प्रशासन की ओर से आरपीएफ, जीआरपी और अर्द्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है, लेकिन पावर केबिन के पास यार्ड पर कोई सुरक्षा व्यवस्था अभी तक भी नहीं की है। पावर केबिन के सामने जिस स्थान पर बोगी जलाई गई थी उस स्थान पर कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं किया गया है। ऐसे में स्टेशन पर खड़ी बोगियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
रेलवे स्टेशन पर 23 सितंबर पर आतंकी घटना हुई थी। इसमें ऋषिकेश एक्सप्रेस की खड़ी बोगी पर आग लगा दी गई थी। इसके बाद रेलवे की ओर से जांच के आदेश दिए गए थे। इस प्रकार की कई घटनाओं के बाद पुलिस की ओर से आंध्र प्रदेश के पुरी में सुभाष रामचंद्रन को पकड़ा गया था। लेकिन उसके बाद भी रेलवे की ओर से पावर केबिन वाले रास्ते पर कोई सुरक्षाकर्मी नहीं लगाए गए। ऐसे में कोई भी अंजान व्यक्ति यार्ड में खड़ी बोगियों को आसानी से निशाना बना सकता है। लेकिन यार्ड की सुरक्षा को लेकर न तो आरपीएफ गंभीर है और न रेलवे का मेला प्रशासन।
इनका कहना है
पावर केबिन वाले रास्ते पर चहारदीवारी बनाने की योजना है। इंजीनियरिंग विभाग फरवरी में बाउंड्रीवाल बनाने की बात कर रहा है। दीवार के बार में इंजीनियरिंग विभाग बताएगा। फिर भी सुरक्षाकर्मी की तैनाती को लेकर विचार किया जाएगा।
वाईएस त्रिपाठी, मेला अधिकारी रेलवे