यदि आप दोपहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट नहीं पहनते हैं तो आदत डाल लिजिए। हेलमेट आपको पुलिस के चालान ही नहीं बल्कि आकस्मिक दुर्घटना होने पर गंभीर चोट लगने के साथ कड़ाके की ठंड में हवा के थपेड़ों और कोरोना संक्रमण के खतरे से भी बचाएगा।
हरिद्वार में सुबह-शाम शीत लहर चल रही है। दिन में भी धूप बेअसर साबित हो रही है। ठंड के साथ कोरोना संक्रमण के नया स्वरूप बेहद घातक है। इसके बाद भी अधिकतर लोग लापरवाही बरत रहे हैं। शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा और मास्क पहनना छोड़ दिया। दोपहिया वाहन चलाने वालों को एहतियात बरतने की जरूरत है। ठंड में आमतौर पर दोपहिया वाहनों के ब्रेक ठीक से नहीं दबते हैं। वैसे भी हरिद्वार में अधिकतर जगहों पर कुंभ निर्माण कार्य चल रहे हैं। कहीं सड़क बनाने के लिए बजरी और रोड़ी फैली है तो कहीं पुलिया और नाले बनाने के लिए रेता और मलबा फैला है। इससे दोपहिया वाहनों के रपटने का खतरा अधिक रहता है।
एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय बताती हैं, दोपहिया वाहनों के सड़क हादसों में मौत की अधिकतर वजह हेलमेट नहीं पहनने से सिर में लगने वाली गंभीर चोट होती है। दोपहिया वाहन चलाते वक्त पुलिस के चालान की नहीं बल्कि खुद की जान की सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है।
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता बताते हैं कि जाड़ों में सिर को ठंड से बचाने के लिए हेलमेट सबसे कारगर है। दोपहिया वाहन चलाते वक्त बिना हेलमेट सीधे हवा के थपेड़े लगते हैं। इससे सिर में दर्द, सर्दी-जुकाम जैसी आम समस्या होती है। वैसे भी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हेलमेट फेस शील्ड का काम करता है।