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बहू-बेटे पर पांच करोड़ के हर्जाना पर 30 को सुनवाई

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पौत्र-पौत्री सुख से वंचित रखने के आरोप में बेटे और बहू के खिलाफ पांच करोड़ के हर्जाना के वाद में 30 मई को न्यायालय में सुनवाई होगी। इस वाद की सुनवाई पर बहू-बेटे और सास ही नहीं बल्कि अधिवक्ताओं और शहर के लोगों की नजर भी टिकी है। तृतीय एसीजे एसडी कोर्ट ने दायर वाद में मंगलवार को स्थानीय संरक्षण अधिकारी से रिपोर्ट तलब की।
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अधिवक्ता अरविंद कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक सिडकुल स्थित हरिद्वार ग्रीन निवासी महिला साधना प्रसाद पत्नी संजीव रंजन प्रसाद ने अपने बेटे श्रेय सागर और बहू शुभांगी के खिलाफ वाद दायर किया है। साधना ने कहा कि श्रेय सागर उसकी इकलौती संतान है। उसकी परवरिश में कोई कमी नहीं की है। श्रेय प्रतिष्ठित एयर लाइन में पायलट कैप्टन है। श्रेय सागर को पायलट बनाने के लिए यूएसए से प्रशिक्षण दिलाया है। उसमें 45 लाख रुपये की फीस और वहां रहने के दौरान 20 लाख खर्च किए हैं। 65 लाख की कार खरीदकर दी है। दिसंबर 2016 में श्रेय की शादी नोएडा सेक्टर 75 निवासी शुभांगी से कराई है। शादी में लाखों रुपये खर्च किया है। हनीमून मनाने के लिए थाईलैंड भेजा।
साधना का आरोप है कि बेटा-बहू उसे पौत्र या पौत्री का सुख नहीं दे रहे हैं। जब उनसे संतान पैदा करने के लिए कहा तो दोनों ने अलग-अलग रहना शुरू कर दिया है। दोनों की शादी के छह वर्ष हो चुके हैं, लेकिन पौत्र और पौत्री सुख से वंचित हैं। जिससे वह अपने वंश के आगे बढ़ने को लेकर चिंतित हैं। साधना ने बेटे-बहू से हर्जाना के रूप में पांच करोड़ रुपये की मांग की है। महिला ने बहू पर मायके वालों के दबाव में उसका वंश सुख से वंचित करने का आरोप भी लगाया है।
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