डीजीपी अशोक कुमार के निर्देश पर डीआईजी ने एसआईटी टीम का गठन किया था, जिसमें देहरादून ग्रामीण एसपी कमलेश उपाध्याय, एएसपी सदर ज्वालापुर रेखा यादव, निरीक्षक मनीष उपाध्याय और दो दारोगाओं को शामिल किया गया था। विवेचक मनीष उपाध्याय ने शहर कोतवाली पुलिस से मुकदमों से जुड़े दस्तावेज कब्जे में ले लिए थे। मंगलवार को एसआईटी टीम की अध्यक्षता कर रही एसपी देहात देहरादून कमलेश उपाध्याय हरिद्वार पहुंचीं और टीम के साथ बैठक की। इसके साथ ही आगे की जांच के लिए रूपरेखा तैयार की है। डीआईजी गढ़वाल करण सिंह नगन्याल ने बताया कि एसआईटी धर्म संसद मामले की गहनता के साथ जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेगी पुलिस : डीआईजी
धर्म संसद में भड़काऊ बयान का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर पुलिस और एसआईटी भी हरकत में आ गई है। धर्म संसद प्रकरण में पुलिस और एसआईटी स्तर पर अब तक हुई जांच का ब्योरा सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा। डीआईजी करण सिंह नगन्याल ने बताया कि एक राजपत्रित अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट भेजा गया है। पुलिस कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। डीआईजी ने बताया कि मामले की गहनता से जांच चल रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि धर्म संसद मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिका लगाई है, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
मौर्य का इंटरव्यू छोड़ने का वीडियो वायरल
धर्म संसद में भड़काऊ भाषण मामले में सवाल पूछने पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के एक चैनल का इंटरव्यू बीच में छोड़ने का वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चैनल की ओर से केशव प्रसाद मौर्य का इंटरव्यू किया जा रहा था। एंकर ने हरिद्वार की धर्म संसद में भड़काऊ भाषण का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। वीडियो में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कह रहे हैं कि धर्माचार्यों को अपने मंच पर बात कहने का अधिकार है। सिर्फ हिंदू धर्माचार्यों की बात क्यों होती है। धर्म संसद संतों की है। संत क्या कहते हैं उनका विषय है। बात पूरी होने से पहले ही मौर्य माइक निकालकर इंटरव्यू छोड़ देते हैं। 12.30 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।