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देहरादून में हॉलमार्किंग सेंटर, 13 जिले में कैसे होगी पूर्ति

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सरकार ने सोने के आभूषणों की हॉल मार्किंग को अनिवार्य करने के लिए नियम लागू कर दिए हैं। 30 नवंबर के बाद सभी सराफा के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी। उत्तराखंड में देहरादून में एकमात्र हॉलमार्किंग सेंटर है। इससे हरिद्वार और दूसरे जिलों के ज्वैलर्स को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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यदि सराफा व्यापारी नया माल मंगवाता है तो उसे हॉलमार्किंग पंजीकृत करना पड़ेगा। पंजीकृत के बाद बगैर हॉल मार्किंग आभूषण नहीं बेच पाएगा। हरिद्वार में हॉल मार्किंग का सेंटर नहीं है। लिहाजा हरिद्वार के व्यापारियों को नया माल खरीदने के लिए पहले देहरादून हॉल मार्किंग सेंटर से पंजीकरण करवाना होगा। सोने की शुद्धता की गारंटी के लिए केंद्र सरकार ने आभूषणों पर हॉल मार्किंग कानून लागू कर दिया है। जिन जिलों में हॉलमार्किंग सेंटर नहीं हैं वहां के सराफा व्यापारियों को इस कानून की बाध्यता से अभी 30 नवंबर तक बाहर रखा गया है। प्रदेश में फिलहाल देहरादून को छोड़कर बाकी 12 जिले कानून के दायरे से बाहर हैं। लेकिन विसंगतियों की वजह से यहां के कारोबारी परेशान हो रहे हैं। हरिद्वार और बाकी जिलों के सर्राफा व्यापारी अभी अपने स्टॉक माल को ही बेच सकते हैं।
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पहाड़ से आने वाले ज्वैलर्स परेशान
प्रदेशभर में मैदानी जिलों के साथ ही पहाड़ी जिलों के ज्वैलर्स को आभूषणों पर हालमार्किंग कराने के लिए देहरादून जाना पड़ रहा है। ऐसे में पहाड़ी जिलों के ज्वैलर्स से यदि कोई ग्राहक दो अंगुठियों की ही हॉल मार्किंग कराने की बात कहता है तो ज्वैलर्स का पूरा दिन देहरादून आने व जाने में ही गुजर जाएगा।
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दो हजार ज्वैलर्स, रजिस्टर्ड मात्र 30
हॉल मार्किंग में अब तक हरिद्वार के मात्र 30 ज्वैलर्स रजिस्टर्ड हुए हैं। वहीं पूरे प्रदेश में 500 के करीब रजिस्टर्ड हैं। प्रदेशभर में 15 हजार के करीब ज्वैलर्स हैं। जबकि हरिद्वार जिले में 2 हजार ज्वैलर्स शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
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आभूषणों पर हॉलमार्क एक जुलाई से ही लागू कर दिया था। जिन जिलों में हॉल मार्किंग सेंटर नहीं है वहां पर दोनों तरह के आभूषण 30 नवंबर तक बेचे जा सकते हैं। जहां पर सेंटर हैं वहां पर अनिवार्य कर दिया गया है। हॉल मार्किंग के बाद आभूषण महंगे होंगे और खर्च ग्राहक की जेब पर पड़ेगा। कमेटी के सदस्य हर जिले में दो हॉलमार्क सेंटर खोलने की मांग लगातार केंद्र सरकार से कर रहे हैं।
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- नीरज मित्तल, सदस्य ऑल इंडिया हॉलमॉर्क एक्सपर्ट कमेटी
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