चुनावी विगुल बज चुका है। प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस में प्रत्याशियों की औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाता अपनी सरकार चुनेंगे। मतदाताओं ने मताधिकार के लिए अपनी प्राथमिकताएं भी तय कर ली हैं। कई सामाजिक संस्थाएं लोगों को मताधिकार के लिए प्रेरित कर रही हैं। संस्थाओं के प्रतिनिधियों का कहना है कि लोकतंत्र के उत्सव में एक-एक वोट से ही सरकार बनेगी। इसलिए हर कोई अपने मताधिकार का प्रयोग करे। शिक्षित और स्वच्छ छवि का विधायक चुनकर स्थिर सरकार बनाने में भागीदारी निभाए।
व्यक्तिगत फायदे को न देखते हुए समाज की उन्नति के नजरिये से हमें वोट देना चाहिए। मजबूत सरकार देश को देनी चाहिए, ताकि देश और प्रदेश दोनों सशक्त हो सकें। विधायक वो कड़ी है जो आम जनता को सरकार से जोड़ता है। इसलिए विधायक स्थानीय लोगों से जुड़ा और उनके बीच का होना जरूरी है।
- ललित मिगलानी, अधिवक्ता हाईकोर्ट एवं अध्यक्ष भारतीय जागरूकता समिति
मतदान के दौरान एक-एक वोट की कीमत होती है। इसलिए हम सभी को अपने मताधिकार का उपयोग कर ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहिए, जो बिना किसी भेदभाव के क्षेत्र का विकास कराए। इसके लिए हमारा मतदान करना बहुत जरूरी है। सभी लोग अपने अधिकार को पहचानें और चुनाव के दौरान बिना किसी हिचक के अवश्य मतदान करें।
- विश्वास सक्सेना संस्थापक स्वामी नारायण सेवा मिशन हरिद्वार
वोटर का महत्व सिर्फ एक वोट तक ही सीमित नहीं है। उसका वोट आने वाले समय नगर, राज्य का भविष्य तय करता है। वोटर को वोट देने से पहले प्रत्याशी और पार्टी का आंकलन जरूर करना चाहिए। हरिद्वार में शिक्षा, स्वास्थ्य, नशे पर रोक, धार्मिक उत्थान, पर्यटन विकास, महिला सशक्तिकरण जैसी प्राथमिकताओं को वोटर को ध्यान में रखकर वोट देना चाहिए।
- विनीता गोनियाल, संस्थापक नई उड़ान फाउंडेशन
हर वोटर मूलभूत सुविधाएं चाहता है। जैसे बिजली, पानी, सड़क उसके क्षेत्र की सदा बहाल हो। वह आराम से सड़क पर बिना गड्ढे में चल सके। स्वच्छता पूर्ण वातावरण में रह सके। साथ ही कानून व्यवस्था भी सही हो, महिलाएं निर्भय होकर आधी रात में भी बिना किसी डर के यदि काम पड़े तो बाहर निकल सकें।
- नेहा मलिक संस्थापक अध्यक्ष मुस्कान फाउंडेशन