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उत्कृष्ट लेखन के लिए पांच साहित्य-साधक सम्मानित

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दीपशिखा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच के स्थापना दिवस एवं संस्थापक केएल दीवान के जन्मोत्सव पर दीपशिखा सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। समारोह में पांच साहित्य साधकों को सम्मानित किया गया।
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रानीपुर मोड़ स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मीरा भारद्वाज एवं संचालन डॉ. सुशील कुमार त्यागी ने किया। शायर रियाज अहमद ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। दीपशिखा मंच की अध्यक्ष मीरा भारद्वाज ने कहा कि साहित्यकार केएल दीवान का संपूर्ण जीवन साहित्य के लिए समर्पित रहा। वे हम सबके प्रेरणा स्रोत और मार्गदर्शक रहे। उपाध्यक्ष उमेश शर्मा ने कहा कि उनकी मधुर स्मृतियां हमारे साहित्यिक जीवन का संबल हैं। सचिव डॉ. सुशील कुमार त्यागी ने सम्मानित होने वाले साहित्य-साधकों के बारे में बताया।
विशिष्ट अतिथि साहित्यकार महेश भट्ट ‘उत्प्रेरक’ रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा उपाध्यक्ष उमेश शर्मा ने प्रस्तुत की। प्रथम चरण में साहित्यकार डॉ. अशोक मिश्र को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए ‘केएल दीवान साहित्य साधक सम्मान 2021’, प्रो. विजयपाल शास्त्री को ‘भारतीय सौंदर्य शास्त्र’ (शोधग्रंथ) के लिए ‘दीपशिखा सारस्वत सम्मान2021’, शायर रियाज अहमद ‘रियाज’ को गजल विधा के लिए ‘माँ शारदे वरदहस्त सम्मान 2021’, इकमल सिंह चौहान को उनकी कृति ‘दरकती पीढ़ियां’ (कहानी संग्रह) के लिए ‘हिंदी साहित्य साधक सम्मान 2021’ और युवा कवि महेंद्र माही को उनकी श्रेष्ठ 10 कविताओं के लिए ‘‘उदीयमान प्रतिभा सम्मान 2021’’ से सम्मानित किया गया।
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द्वितीयचरण में काव्य गोष्ठी हुई। कवि तुषारकांत पांडेय ने कविता पढ़ते हुए कहा, औरों की सोच मेरे अधिकार में नहीं, कुछ फायदा बहस के विस्तार में नहीं। कवि कुंवरपाल सिंह धवल ने कहा, शब्दों कोना मात्र शब्द समझो, मत समझो कल बेचारी है वरदान शारदा का हो, तो बनती तलवार दुधारी है। मदन सिंह यादव, उमेश शर्मा, डॉ. मीरा भारद्वाज, माधवेंद्र, डॉ. श्याम बनौधा तालिब, डॉ. सुशील कुमार त्यागी, अरुण कुमार पाठक, डॉ. विजय कुमार त्यागी ने रचनाएं पढ़ी। प्रो. विजय पाल शास्त्री, ज्वाला प्रसाद शांडिल्य, महेश भट्ट, अनिल दीवान, विमला देवी, गांगेय कमल, आचार्य राधेश्याम सेमवाल, इमरान बदायूनी, प्रफुल्ल ध्यानी, विभाष मिश्रा, सत्यदेव सोनी आदि कवियों ने भी काव्यपाठ किया।
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