मत्स्य पालन के लिए तालाब बनाने की अनुमति की आड़ में खेतों में अवैध खनन करने का विरोध करने पर ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई। इसमें चार ग्रामीण घायल हो गए। घायलों ने उपचार के बाद डीएम और एसएसपी को शिकायती पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
तहसील प्रशासन की ओर से भोगपुर ग्राम पंचायत की जमीन पर मत्स्य पालन करने के लिए कुछ लोगों के नाम पट्टा आवंटित किया गया है। ग्राम पंचायत की जमीन पर तालाब बनाने के लिए प्रशासन ने खुदाई की अनुमति भी दी है। भोगपुर की ग्राम पंचायत की जिस सरकारी जमीन में मत्स्य पालन के लिए पट्टा दिया गया है वह जमीन बाण गंगा ग्राम पंचायत के गांव धारीवाला के किसानों के खेतों से बिल्कुल सटी हुई है। दो ग्राम पंचायतों की सीमा पर तालाब बनाने के लिए की जा रही खोदाई के दौरान धारीवाला के ग्रामीण और खननकारी आमने-सामने आ गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब बनाने की आड़ में उनके खेतों में भी अवैध खनन किया जा रहा है। इससे दोनों पक्षों के लोगों में तनाव पैदा हो गया। कहासुनी के बाद दोनों गुटों में मारपीट हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन करने वाले लोगों ने उनके साथ मारपीट की है। इसमें चार ग्रामीण घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में डीएम व एसएसपी को लिखित शिकायत की है। धारीवाला के वेदपाल राणा, सुरेंद्र सिंह, महिपाल, रमेश चन्द, भोपाल सिंह, कर्णपाल, संतराम, महकार, नितीन, रणधीर, सूरजभान का आरोप है कि कुछ अवैध रूप से खनन करने वाले लोग मत्स्य पालन के लिए तालाब बनाने की अनुमति की आड़ में उनकी भूमि में अवैध रूप से खनन करना चाहते हैं। जब उन्होंने अवैध खनन का विरोध किया तो उन पर जानलेवा हमला किया गया। उधर, एसडीएम हरिद्वार पूरण सिंह राणा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अवैध खनन के संबंध में कोई लिखित शिकायत आएगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।