भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में देशभर से आए किसानों ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान कुछ किसानों ने काली पट्टी बांधी थी तो कुछ ने काली टी शर्ट पहनी थी। किसानों ने योजना को वापस लेने और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की मांग उठाई।
मालूम हो कि हरिद्वार में भाकियू टिकैत का किसान महाकुंभ (चिंतन शिविर) का शनिवार को अंतिम दिन था। किसानों ने अग्निपथ योजना के विरोध में पैदल मार्च निकालने का एलान किया था। शनिवार को लालकोठी से किसानों ने काली पट्टी बांधकर पैदल मार्च की शुरुआत की। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसान यहां से होते हुए हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर पहुंचे। जहां से वीआईपी घाट पहुंचकर बैराज पुल, गंगा घाट किनारे, सीसीआर होकर रोड़ी बेलवाला मैदान में मार्च खत्म हुआ।
इस मौके पर किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि विधायक, सांसद पूरी जिंदगी चुनाव लड़ेंगे और सभी सुविधाओं का लाभ लेंगे। लेकिन, युवा केवल चार ही साल सेना में नौकरी करेंगे। ये कहां का इंसाफ है। अग्निपथ योजना युवाओं के हित में नहीं है। सरकार को इसे हर हाल में वापस लेना होगा।
उन्होंने कहा कि योजना जब तक वापस नहीं ली जाती, तब तक युवाओं को सरकार की ओर से बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन करें, लेकिन हिंसा नहीं। शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर अपनी मांग उठाएं। इस दौरान विजय शास्त्री, इकबाल चौधरी, संजय चौधरी, सुबा सिंह ढिल्लो, प्रहलाद सिंह, गुरदीप सिंह, राजपाल शर्मा, वीरेंद्र यादव, लाला चौधरी, गजेंद्र सिंह, संजीव किसान, बलवीर सिंह चौधरी वेदपाल, रामकिशोर पटेल, अनुज सिंह, विवेक चौधरी, अनुराग चौधरी, करुआ सिंह, अनुपम वर्मा, चुन्नू सिंह आदि उपस्थित रहे।
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जाम न लगे इसलिए बदला रूट
पैदल मार्च के दौरान हाईवे पर यातायात व्यवस्था सुचारु रहे, इसके लिए किसानों के काफिले को वीआईपी घाट से बैराज पुल के रास्ते भेजा गया। पुलिस बल मार्च निकलने तक पूरी तरह मुस्तैद रहा। यातायात पुलिस के साथ ही सीपीयू कर्मियों ने व्यवस्था संभाले रखी।
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बारिश के बीच भी नहीं रुके किसान
सुबह बारिश होने के बाद भी किसानों ने पैदल मार्च के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया। निर्धारित समय पर ही सुबह नौ बजे बारिश के बीच किसानों का काफिला लालकोठी से रोड़ी बेलवाला के लिए कूच कर गया।