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घाटों की सफाई छोड़कर नगर निगम में गरजे कर्मचारी

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गंगा घाटों पर सफाई का कार्य बंद नगर निगम पहुंचे कर्मचारी । - फोटो : HARIDWAR
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नमामि गंगे योजना के अंतर्गत हरकी पैड़ी समेत 72 गंगा घाटों की सफाई करने वाली संस्था आकांक्षा एंटरप्राइजेज के अनुबंध का नवीनीकरण नहीं होने और संस्था को पिछले दो महीने का भुगतान नहीं करने के कारण सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। संस्था के सफाई कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर नगर निगम में प्रदर्शन किया। मंगलवार सुबह को घाटों की सफाई नहीं होने से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे। नगर निगम के अधिकारियों ने जल्द अनुबंध नवीनीकरण और बकाया भुगतान जारी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही कर्मचारी काम पर लौटे। दोपहर बाद सफाई का काम शुरू और लोगों ने राहत की सांस ली।
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हरकी पैड़ी, मालवीय घाट, सुभाष घाट, नाईसोता घाट, बिरला घाट सहित 72 गंगा घाटों का वर्ष 2019 मार्च में आकांक्षा
एंटरप्राइजेज संस्था के साथ सफाई का अनुबंध किया गया था। संस्था नगर निगम की देखरेख में ही घाटों की सफाई का कार्य करती है। इन घाटों पर प्रतिदिन संस्था के करीब 400 कर्मचारियों की तैनाती रहती है। संस्था का अनुबंध इस साल पांच मार्च को खत्म हो गया था। जिसके बाद अनुबंध नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया गया। लेकिन नवीनीकरण नहीं हुआ। जबकि मार्च के बाद अब अप्रैल का भी कोई भुगतान नहीं हो पाया। ऐसे में कर्मचारियों के सामने भी वेतन को लेकर परेशानी खड़ी हो गई।
मंगलवार को आकांक्षा एंटरप्राइजेज ने सभी गंगा घाटों पर सफाई का कार्य करना बंद कर दिया। घाटों पर तैनात कर्मचारी सुबह एकत्र होकर नगर निगम पहुंचे। जहां उन्होंने नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती से मुलाकात कर अपनी समस्या सुनाई। नगर आयुक्त ने उन्हें जल्द भुगतान जारी करने का आश्वासन देते हुए सफाई शुरू करने के लिए कहा। नगर आयुक्त के आश्वासन पर कर्मचारी व संस्था के पदाधिकारी सहमत हो गए। दोपहर बाद कर्मचारियों ने घाटों पर सफाई का कार्य शुरू कर दिया। दोपहर तक सफाई न होने से गंगा घाटों पर जगह-जगह गंदगी पसरने से श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ी।
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संस्था को दो महीने के बकाया भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। कर्मचारियों को आश्वासन देने के बाद उन्होंने सभी गंगा घाटों पर सफाई का कार्य शुरू कर दिया है।
- दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त हरिद्वार
अनुबंध नवीनीकरण से संबंधित वर्कऑर्डर या कोई लिखित में कागज नहीं मिला है। भुगतान भी नहीं मिला है। जिस वजह से सफाई का कार्य बंद करना पड़ा। अधिकारियों ने अनुबंध नवीनीकरण और भुगतान जल्द करने का आश्वासन दिया है। जिसके बाद घाटों पर सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।
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- अनिल त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक, आकांक्षा एंटरप्राइजेज
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