लालढांग। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों की नींद नहीं टूट रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के औचक निरीक्षण में क्षेत्र की दोनों बाढ़ राहत चौकियों के कर्मचारी नदारद मिले। उन्होंने कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी है।
मौसम विभाग की ओर से 18 जुलाई तक उत्तराखंड और जनपद में बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर बारिश होने से गंगा का जलस्तर पर बढ़ जाता है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका बनी रहती है। इसको देखते हुए श्यामपुर और गैंडीखाता में बाढ़ राहत चौकियां बनाई गई हैं ताकि लोगों को बाढ़ राहत चौकी पर तैनात कर्मचारी किसी भी आपदा से बचा सकें। बुधवार को बाढ़ राहत चौकियों का निरीक्षण करने पहुंची जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा को श्यामपुर और गैंडीखाता बाढ़ राहत चौकी पर एक भी कर्मचारी तैनात नहीं मिला, जबकि बाढ़ राहत चौकियों पर बाढ़ सुरक्षा उपकरण अव्यस्थित ढंग से पड़े हुए मिले। बाद में पता चला कि पुलिस कर्मी गंगा का जलस्तर देखने के लिए गए हैं, लेकिन अन्य कर्मचारी बाढ़ राहत चौकियों पर ड्यूटी करने ही नहीं आए। मीरा कैंतुरा ने बताया कि उन्होंने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट उपजिलाधिकारी अंशुल सिंह और अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा को भेज दी है।