कुंभ कोरोना जांच फर्जीवाड़े में बीते बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित किए जाने के बाद एसआईटी की टीम ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट न्यायालय से लिए हुए हैं। एसआईटी की टीमें हरियाणा और दिल्ली में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर डेरा डाले हुए हैं।
हरिद्वार में आयोजित महाकुंभ 2021 में आने वाले श्रद्धालुओं की कोरोना जांच के दौरान हुए फर्जीवाड़े में मैक्स कारपोरेट सोसाइटी समेत नलवा लैब हिसार, लाल चंदानी लैब सेंट्रल दिल्ली के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पूछताछ के बाद एसआईटी की टीम ने भिवानी की डेलफिशा लैब के संचालक आशीष वशिष्ठ को आईसीएमआर के पोर्टल पर कोविड जांच के फर्जी आंकड़े अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद से ही मैक्स कारपोरेट सोसाइटी के पार्टनर शरत व मल्लिका पंत की गिरफ्तारी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
नैनीताल और नोएडा में दबिश भी दी गई, लेकिन आरोपी फिलहाल पुलिस पकड़ से बाहर हैं। बीते बृहस्पतिवार को शासन स्तर से कुंभ मेला के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर व कोविड सेल प्रभारी डॉ. एनके त्यागी को निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के निलंबित होने के बाद एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस की ओर से गठित की गई एसआईटी टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय में गैर जमानती वारंट भी ले लिए हैं। इसके साथ ही एसआईटी की टीमें दिल्ली व हरियाणा में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डेरा डाले हुए हैं। जांच अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि एसआईटी की टीमें लगातार अपनी जांच कर रही हैं।