रिटायर एक शिक्षक अपने महकमे की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं। विभाग की चूक के कारण 2020 में पेंशन में केवल चार रुपये ही बढ़े हैं। परेशान बुजुर्ग शिक्षक पिछले एक साल से लड़खड़ाते कदमों के साथ डीएम से लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
बहादराबाद विकासखंड के गांव खेड़ली निवासी 74 वर्षीय भोपाल सिंह बतौर शिक्षक साल 1974 में शिक्षा विभाग में तैनात हुए। साल 2009 में प्राइमरी पाठशाला अहमदपुर नगला से वह रिटायर हो गए। रिटायरमेंट पर उन्हें पेंशन 10115 रुपये मिल रही थी। साल 2016 में पेंशन में संशोधन हुआ, तो वह बढ़कर 25995 रुपये पहुंच गई। शासन ने वर्ष 2020 में फिर से पेंशन में संशोधन किया, तो भोपाल सिंह सिर्फ चार रुपये बढ़ाकर दिए गए। जबकि, उनके साथ कम तनख्वाह पर रिटायर अन्य शिक्षकों की पेंशन में करीब 2000 रुपये की बढ़ोतरी हुई।
भोपाल सिंह इसमें खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय बहादराबाद कार्यालय की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। चार बढ़ोतरी से नाखुश 74 साल के भोपाल सिंह डीएम से लेकर मुख्य शिक्षाधिकारी, लेखाधिकारी और निदेशक लेखा को कई दफा शिकायत कर चुके हैं। बावजूद, अभी तक उन्हें हक नहीं मिल पाया है।