हरिद्वार। भाजपा ने 25 जून आपातकाल दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। जिला कार्यालय में हुई संगोष्ठी में आपातकाल की घटना को लोकतंत्र का काला अध्याय बताया गया। उधर, कार्यकर्ताओं ने शिवालिक नगर स्थित चिन्मय डिग्री कॉलेज चौक पर काला रिबन बांधकर कांग्रेस का पुतला दहन किया।
संगोष्ठी में आपातकाल की यातनाओं के गवाह रुड़की निवासी डॉ. चेतन दास सैनी मुख्य अतिथि रहे। डॉ. चेतन दास सैनी ने आज की पीढ़ी को आपातकाल के अनुभव साझा किए। कहा कि उस समय हरिद्वार रुड़की सहारनपुर जिले का हिस्सा होता था। जिले से 1200 लोगों को जेल भेजा गया। रुड़की से 16 लोग शामिल थे और वह स्वयं भी इनमें थे। प्रचारक तिलक राज के नाखून तक खींचे गए। बर्फ की सिल्लियों पर लेटाकर यातना दी गई।
जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि आपातकाल के आंदोलनकारियों के परिजनों से मिलें। कार्यकर्ताओं का फर्ज बनता है कि आंदोलनकारियों के परिजनों को सम्मानित किया जाए।
भाजपा जिला महामंत्री विकास तिवारी ने कहा कि कांग्रेस की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या की। विरोधी दलों के नेताओं के साथ अमानवीय अत्याचार किया। जिला महामंत्री आदेश सैनी ने आपातकाल के वक्त रुड़की में उनके पिता के साथ हुए दुर्व्यवहार और यातनाओं का जिक्र किया। इस दौरान उपाध्यक्ष अनिल अरोड़ा, एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष तेलू राम, ओबीसी मोर्चे के जिला महामंत्री डॉ. प्रदीप कुमार और अनिल मिश्रा समेत कई लोग मौजूद रहे।
उधर, नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चिन्मय डिग्री कॉलेज चौक पर काला रिबन बांधकर कांग्रेस का पुतला दहन किया। राजीव शर्मा ने कहा कि इमरजेंसी लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है। यह इंदिरा गांधी की तानाशाही को दर्शाता है। प्रदर्शन करने वालों में अवनीश मिश्रा, धर्मेंद्र बिश्नोई, कैलाश भंडारी, हिमांशु अहलावत, सुनील कौशिक, गौरव रौतेला, अंशुल शर्मा और गौरव गुर्जर मौजूद रहे।