हरिद्वार।
हरिद्वार स्टोन क्रशर वेलफेयर एसोसिएशन ने मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी
शिवानंद के खिलाफ सीधे मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने खुले मंच पर स्वामी
शिवानंद को कई बिंदुओं पर बहस की चुनौती दी है।
प्रेस क्लब सभागार में
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष निशांत भैरव
ने स्वामी शिवानंद पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या केवल खनन से ही गंगा
प्रदूषित हो रही है, क्या उन्हें गंदे नाले गिरते हुए नहीं दिखाई दे रहे
हैं। वे भला गंदे नाले, कचरे को लेकर आवाज क्यों नहीं उठाते है। हरकी पैड़ी
या किसी अन्य गंगा घाट की सफाई को लेकर भी स्वामी शिवानंद ने चुप्पी नहीं
तोड़ी है। वे बंद कमरे में ही भला क्यों अनशन करते हैं। पूर्व में भी स्टोन
क्रशर बंद करा चुके हैं और अब भी उनकी निगाह भोगपुर तक के क्रशर पर लगी
हुई है। वे कुंभ के नाम पर सरकार पर क्यों दबाव बनाते हैं, जबकि वे किसी
अखाड़े से भी नहीं जुड़े हुए हैं। उनके आश्रम में आमजन का आना जाना
प्रतिबंधित है। उन्होंने कहां से दीक्षा ली है और किस धर्म पंथ या संप्रदाय
से जुड़े हैं यह उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए। ग्रामीण उनके आश्रम की हद
में श्मशान भूमि के आने की बात उठाते रहे हैं इसकी जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि खनन बंद होने से अब यूपी से निर्माण सामग्री यहां आ रही है
और ऐसे में आमजन की जेब पर सीधे सीधे असर पड़ रहा है। यही नहीं प्रदेश
सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है। इस अवसर पर क्रशर मालिक गर्वित
चौधरी, विनय चौधरी, आरवी सिंह, संजय धींगड़ा, पुनीत गर्ग आदि मौजूद रहे।