हरिद्वार। कुंभ क्षेत्र का भोगपुर तक विस्तार करने की मांग को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद सरस्वती ने सोमवार से अनशन शुरू कर दिया है। इस मौके पर मातृृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवांनद ने कहा कि यदि शीघ्र ही सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो वे भी अनशन शुरू कर देंगे। उन्होंने खनन को रोजगार से जोड़कर आंदोलन करने वालों को आड़े हाथ लिया। कहा खनन का रोजगार से कोई सरोकार नहीं है। जिनका रोजगार प्रभावित हो रहा है, उनके लिए दूसरे विकल्प मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मातृसदन के खिलाफ साजिश करने में हरीश रावत भी पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक की राह पर चल रहे हैं। निशंक के कार्यकाल में भी मातृसदन के खिलाफ साजिशें की गई थीं। अब हरीश रावत के कार्यकाल में भी मातृसदन के खिलाफ साजिश की जा रही है। मातृसदन सत्य की राह नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 के प्रशासनिक प्रत्यावेदन में कुंभ क्षेत्र भोगपुर तक बढ़ाने की संस्तुति की गई थी वर्ष 2012 में भी इस मांग को लेकर मातृसदन की ओर से आंदोलन किया गया था लिखित आश्वासन देने के बाद भी सरकार ने इस बारे में कार्रवाई नहीं की। इसके विपरीत टिहरी के डीएम की गलत रिपोर्ट के आधार पर देवप्रयाग तक का क्षेत्र कुंभ मेले में शामिल कर लिया गया।
स्वामी शिवानंद ने कहा कि चार तरह के लोग मातृसदन के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। इनमें से एक स्टोन क्रशर मालिक जो गंगा का दोहन कर अरबों रुपये कमा चुके हैं उन्हें अब गंगा को बख्श देना चाहिए। दूसरे ट्रक मालिक, इनका रोजगार प्रभावित नहीं हो रहा है। उन्हें गंगा को छोड़ अपने ट्रक ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय में लगाने चाहिए। तीसरे ट्रैक्टर मालिकों को तो खनन में अपने वाहन प्रयोग ही नहीं करने चाहिए क्योंकि उन्हें कृषि के नाम पर सब्सिडी मिली है। ऐसे में उन्हें ट्रैक्टर खेती के काम में लगाने चाहिए। मजदूरों को उन्होंने गंगा के आसपास सब्जी आदि की फसल करने की सलाह दी। साथ ही उत्तरी हरिद्वार मे गंगा के घाटों पर पानी लाने की मांग को लेकर धरना देने वाले संतों की मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि घाटों पर पानी लाने के विकल्प तलाशे जाने चाहिए।