फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतर्राज्जीय वाहन चोर गैंग चढ़ा हत्थे, 7 मोटरसाइकिल बरामद

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार।
विज्ञापन

ज्वालापुर पुलिस ने अंतरराज्जीय वाहन चोर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए दो बदमाशों को दबोचकर चोरी की सात बाइक बरामद की हैं। यह मोटरसाइकिलें वेस्ट यूपी और हरिद्वार से चोरी की गई थी।
बुधवार की शाम हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर हरिलोक तिराहे के पास चेकिंग कर रही पुलिस ने अपाची मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को रोक लिया। पुलिस के मोटरसाइकिल के कागजात दिखाने की बात कहने पर युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। कोतवाली लाकर की गई पूछताछ में युवकों ने कबूला कि अपाची मोटरसाइकिल ज्वालापुर क्षेत्र से चोरी की गई थी। युवकों ने बताया कि चोरी की मोटरसाइकिल उन्होंने देहरादून में अपने घर पर और लक्ष्मणसिद्ध के जंगल में छिपाकर रखा। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि अलग-अलग पुलिस टीमों ने देहरादून से सात बाइक बरामद की। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने अपना नाम नरेश शाह पुत्र इंद्रिया लाल निवासी गांव स्वील उडोली पुरोला उत्तरकाशी हाल निवासी एमडीडीए नेहरू कालोनी देहरादून, सक्षम रावत पुत्र कौशल रावत निवासी राजीवनगर देहरादून बताया।
विज्ञापन

पुलिस ने बताया कि गैंग लीडर अजय पुत्र कंवरपाल निवासी बावली थाना बडौत बागपत फिलहाल गाजियाबाद जेल में है। जनवरी माह में गाजियाबाद पुलिस ने 22 मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया था। बताया कि अजय का जीजा सुमित पुत्र देवेंद्र निवासी अतरौली भोजपुर जिला गाजियाबाद फरार चल रहा है। पुलिस ने बताया कि तीन मोटरसाइकिल ज्वालापुर और बाकी वेस्ट यूपी के नोएडा, हापुड़, ज्योतिबा फूलेनगर अमरोहा से चोरी की गई। पुलिस टीम में एसएसआई संजीव थपलियाल, एसआई कैलाश बिष्ट, एसआई सत्येंद्र नेगी, एसआई लक्ष्मी प्रसाद, कांस्टेबल रविंद्र, लक्ष्मण प्रसाद, संजय रावत, फरीद खान, हेमंत, सतेंद्र, वीरेंद्र शामिल रहे।
----------------------
ऑन लाइन बेचते थे मोटरसाइकिल
हरिद्वार। ये गैंग नई मोटरसाइकिल पर ही हाथ साफ करता था और ऑनलाइन ओएलएक्स साइट पर बेच देता था। गैंग के पास से चार नई बुलेट मोटरसाइकिल, एक नई केटीएम, एक पल्सर और एक अपाची मोटरसाइकिल बरामद हुई है। अमूमन बुलेट चोरी नहीं होती है। गैंग से बुलेट बरामद हुई तब पुलिस भी हैरान रह गई।
----
बाल सुधार गृह देहरादून में बना गैंग
हरिद्वार। पूरे गैंग की चेन देहरादून के बाल सुधार गृह से जुड़ी। एक आरोपी नरेश शाह बाल सुधार गृह में रसोईया था। अजय और सक्षम रावत चोरी व रेप के आरोप में बाल सुधार गृह में बंद रहे। वहीं पर ही इनका गठजोड़ बना। जमानत पर रिहा होने के बाद ये एक दूसरे के संपर्क में बने रहे और चोरी के धंधे में लिप्त हो गए।
विज्ञापन

-------------------
शोरूम स्वामी की सूझबूझ से आए गिरफ्त में
- एक महीने से चल रही थी पुलिस की एक्सरसाइज
- एक सरकारी कर्मचारी के मोटरसाइकिल खरीदने पर हुआ पूरे केस का खुलासा
कुणाल दरगन
हरिद्वार।
ज्वालापुर पुलिस के सिर सफलता का ताज यूं ही नहीं सजा है। इस सफलता के पीछे केटीएम शोरूम के मालिक गगन देशवाल की सूझबूझ है।
दरअसल वाहन चोर गैंग के गिरफ्त में आने की कहानी एक महीने पहले शुरू हो गई थी लेकिन तब से ये पुलिस को गच्चा दे रहे थे। दरअसल एक स्थानीय व्यक्ति की नई केटीएम मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। तब वाहन स्वामी ने स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी थी। उसने केटीएम मोटरसाइकिल के शोरूम पर भी पहुंचकर अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की जानकारी दी थी। उसका मकसद यह था कि यदि उनकी केटीएम के किसी शोरूम में सर्विस के लिए पहुंचती है तब चोर पकड़ में आ सकता है। संयोग ही कहेंगे कि वही मोटरसाइकिल को गैंग ने ओएलएक्स में हरिद्वार में एक सरकारी विभाग में कार्यरत कर्मचारी को एक लाख, बीस हजार में बेच दी। वह जब केटीएम के स्थानीय सर्विस सेंटर में सर्विस के लिए पहुंचा तो शोरूम स्वामी गगन देशवाल ने इंजन और चेसिस नंबर से पकड़ लिया कि, यह मोटरसाइकिल चोरी की है। उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क साधा, प्रारंभिक पूछताछ में जब सामने आया कि उक्त व्यक्ति का चोरी की मोटरसाइकिल से कोई लेना देना नहीं है तब उसने उस व्यक्ति का मोबाइल फोन नंबर उपलब्ध कराया जिससे उसने मोटरसाइकिल खरीदी थी। बस यहीं से ही गैंग का परत दर परत खुलासा होता चला गया। उसका नतीजा सात महंगी मोटरसाइकिलों की बरामदगी से सामने आया। गैंग लीडर अजय ही वेस्ट यूपी से मोटरसाइकिलों के फर्जी कागजात तैयार कराता था और गैंग के अन्य सदस्य उसे ऑनलाइन बेचने की जिम्म्दारी संभालते थे। हर किसी का अलग अलग शेयर होता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें