हरिद्वार। काबीना मंत्री हरक सिंह रावत के पीआरओ युद्धवीर सिंह हत्याकांड में फंसी आरोपी सुधा पटवाल ने अपने एक साथी के साथ मिलकर हरिद्वार के दो युवकों की एम्स (ऋषिकेश) में नौकरी लगवाने के नाम पर 11.30 लाख ठग लिए। दो साल गुजरने के बाद भी नौकरी न लगने पर पीड़ित पक्ष ने धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
ज्वालापुर क्षेत्र के ईदगाह रोड के रहने वाले मनव्वर हसन ने ज्वालापुर पुलिस को बताया कि उसकी जान पहचान सुधा पटवाल निवासी इंद्रानगर देहरादून एवं राकेश विरमानी निवासी आवास विकास ऋषिकेश से हुई थी। आरोपियों ने उसे विश्वास दिलाया था कि एम्स में उनकी मजबूत पकड़ है। वे चपरासी एवं टाइपिस्ट की नौकरी लगवा सकते है। विश्वास करते हुए उसके चचेरे भाई बिट्टू को टाइपिस्ट एवं भतीजे अबरार निवासीगण सलेमपुर महदूद की चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने की बात पर सहमति बनी। आरोप है नौकरी लगवाने के नाम पर कुल 11.30 लाख की रकम ले ली गई। आरोप है कि लंबा अंतराल गुजरने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तब विरोध करने पर आरोपियों ने उसे डराया धमकाया और हत्या की धमकी दी।
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बताया कि आरोपी सुधा पटवाल ने मेडिकल में दाखिले के नाम पर काबीना मंत्री हरक सिंह रावत के पीआरओ युद्धवीर सिंह रावत से भी कई लाख की रकम ली थी और फिर वर्ष 2013 में हुई पीआरओ की हत्या के आरोप में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी।