ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
दवा व्यवसायी जगदीश पंवार से दस लाख की रंगदारी मांगने के मुख्य साजिशकर्ता पेशे से लेबर कांट्रेक्टर और उसके साथी को सीआईयू व ज्वालापुर पुलिस ने धर दबोचा। इन्हीं दोनों ने ही सिडकुल की एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत अधिकारी से भी रंगदारी की मांग की थी।
ज्वालापुर के सुभाषनगर में पंवार मेडिकल स्टोर के स्वामी जगदीश पंवार के मोबाइल फोन पर कॉल कर दो दिन में तीन बार धमकी दी गई थी। चेतावनी दी गई थी कि दस लाख की रंगदारी नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतना होगा। दवा व्यवसायी की शिकायत पर हरकत में आई ज्वालापुर पुलिस ने जब मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकार्ड खंगाली तो कड़ियां जुड़ती चली गई। सामने आया कि सुभाषनगर के एक मोबाइल फोन विक्रेता ने अपने परिचित को सिम कार्ड उपलब्ध कराया था। पुलिस ने फिर उस युवक को दबोचा, जिसके पास सिम कार्ड होने की जानकारी सामने आई। पुलिस पूछताछ में युवक ने अपने एक दोस्त अक्षय शर्मा पुत्र देवी चंद्र निवासी गांव नागल सहारनपुर यूपी हाल निवासी गली नंबर ए-आठ सुभाषनगर ज्वालापुर को सिम कार्ड देने की बात कही। पुलिस ने अक्षय को दबोचा तो पता चला कि उसी ने ही दवा व्यवसायी को कॉल किया था और मुख्य साजिशकर्ता उसका परिचित अभिषेक पुत्र हरपाल सिंह निवासी सिविल लाइन कोतवाली के पास बिजनौर हाल निवासी रामधाम कालोनी सिडकुल है। एसआई चरण सिंह ने बताया कि अभिषेक ने एलएलबी की पढ़ाई की है और वह सिडकुल में लेबर कांट्रेक्टर का कार्य करता है। उसी के ही कहने पर अक्षय शर्मा ने एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत सुधीर गौतम और दवा व्यवसायी जगदीश पंवार को कॉल कर धमकी दी थी। इन दोनों की पहचान भी एक फैक्ट्री में हुई थी। फोन कॉल करने के बाद वह मोबाइल फोन को बुलेट में गददी के नीचे छिपा देते थे। कम समय में अमीर बनने की चाह में रंगदारी मांगने की बात कबूली है।