हरिद्वार। रानीपुर पुलिस ने हरिद्वार रक्तकोष प्रभारी डॉ. रजत सैनी और उसके भाई दुष्यंत सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। उनपर उत्तरकाशी से तबादला रुड़की कराने के लिए हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं वरिष्ठ अधिवक्ता के नाम से जिलाधिकारी एवं सीएमओ को षड्यंत्र रचकर फर्जी ईमेल भेजने के आरोप में कार्रवाई हुई है। इस मामले में एक आरोपी की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है।
इस माह अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एचडी शाक्य ने सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि पिछले वर्ष दो नवंबर एवं इस वर्ष 27 फरवरी को उच्च न्यायालय के एक न्यायधीश एवं एक वरिष्ठ अधिवक्ता के नाम से रुड़की में तैनात पैथोलोजिस्ट डॉ रजत सैनी के संबंध में ईमेल भेजे गए थे। पहले भेजे गए ईमेल में डॉ रजत सैनी का तबादला उत्तरकाशी से रुड़की कर देने की सिफारिश की गई थी। इसमें रजत सैनी के खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए बाकायदा मेडिकल प्रमाणपत्र भी दिया गया था। फिर दूसरे ईमेल में आरोप लगाया था कि डॉ रजत सैनी ने उत्तरकाशी तबादला होने के बाद अपना फर्जी मेडिकल तैयार कर अपना तबादला कराया है। आईटी एक्ट से जुड़े मामले की जांच रानीपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट को सौंपी गई थी। कोतवाली प्रभारी ने पूरे मामले में शामिल एक आरोपी तोसी उल हक पुत्र फरीदुलहक निवासी उत्तर धोना तिवारी गंज तारा का पुरवा, सिनट, लखनऊ यूपी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप था कि पेशे से खुद को अधिवक्ता बता रहे युवक ने ही ईमेल भेजे थे। जांच में निकलकर आया कि अधिवक्ता की डॉ रजत सैनी के भाई दुष्यंत सैनी निवासी अलीगंज लखनऊ यूपी से दोस्ती थी। उसने ही डॉ रजत सैनी के साथ मिलकर तबादला कराने के लिए फर्जी ईमेल भेजने का प्लान तैयार किया था। आरोप है कि अधिवक्ता को इसकी एवज में डॉ रजत एवं उसके भाई ने कुछ रकम दी थी। बाद में अधिवक्ता फिर से रकम देने की मांग करने लगा तो उन्होंने रकम देने से इंकार कर दिया। इस पर अधिवक्ता ने दूसरा ईमेल भेजकर मामले का पटाक्षेप कर दिया। कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं अधिवक्ता का नाम इस्तेमाल करने के आरोप में डॉ रजत सैनी निवासी रुड़की और उसके भाई दुष्यंत सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके मेडिकल प्रमाण पत्र भी जांच की जा रही है। बताया कि रजत सैनी फिलहाल जिला ब्लडबैंक में बतौर प्रभारी तैनात हैं।
स्वास्थ्य विभाग भी कार्रवाई की तैयारी में
हरिद्वार। जिला ब्लडबैंक के प्रभारी डॉ. रजत सैनी की गिरफ्तारी के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कार्रवाई करने की तैयारी में लग गए हैं। इस मामले में जानकारी लेने को सीएमओ को फोन लगाया गया तो कवरेज क्षेत्र से बाहर आया। मामले में एसीएमओ डॉ. एचडी शाक्य ने बताया कि डॉ. रजत के मामले में जांच की जाएगी, लेकिन फिलहाल पुलिस की कार्रवाई पर नजर है। यदि डॉ. रजत सैनी को जेल भेज दिया जाता है तो उनपर विभाग की ओर से निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। यदि वे जेल नहीं गए तो आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों से सलाह ली जाएगी।