ऑनर किलिंग के चलते कितने ही प्रेमी जोड़े दम तोड़ चुके हैं। अपनों के ही डर से उनकी मोहब्बत परवान नहीं चढ़ पाती। ऐसे ही हरियाणा के एक प्रेमी जोड़े ने परिजनों के डर से जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
प्रेमी युगल आपस में नजदीकी रिश्तेदार बताए गए हैं। परिजन दोनों की तलाश में हरिद्वार आए थे। बुधवार की रात को परिजन दोनों को जबरन धर्मशाला से ले गए। लेकिन रुड़की के पास जहर खा चुके युवक-युवती की हालत बिगड़ गई।
इससे पहले हरिद्वार पुलिस को हंगामे की सूचना मिली। पुलिस ने प्रेमी युगल के साथ परिजनों को रुड़की में पकड़ लिया। इसके बाद प्रेमी युगल को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर दून अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बताई गई है। उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
खुद को दिल्ली पुलिस से जुड़ा बताने वाले प्रेमी युगल के पांच परिजनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया है। बृहस्पतिवार को सीओ सिटी अजय सिंह ने बताया कि 13 फरवरी को सोनीपत (हरियाणा) से प्रेमी जोड़ा हरिद्वार पहुंचा था। बांके बिहारी लॉज, खड़खड़ी में दो दिन रुकने के बाद दोनों ऋषिकेश चले गए। यहां 10 दिन रुकने के बाद 25 फरवरी को दोनों ने शादी कर ली और हरिद्वार लौट आए।
इस बार उन्होंने शीला सदन धर्मशाला, खड़खड़ी में किराए पर कमरा लिया। दोनों की तलाश में हरियाणा से उनके पांच परिजन बुधवार की रात हरिद्वार पहुंचे। किसी तरह उन्हें शीला सदन में युगल के होने की भनक लग गई। रात करीब 11 बजे उन्होंने प्रेमी युगल के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो उन्होंने नहीं खोला। वे दरवाजा तोड़ने लगे। इसी बीच खौफजदा प्रेमियों ने जहर खा लिया।
परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें निकाला। वे उन्हें लेकर जाने लगे। इस बीच हंगामे की जानकारी पाकर खड़खड़ी चौकी प्रभारी महावीर सिंह रावत ने कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। पुलिस ने रुड़की में मलकपुर चुंगी के पास आरोपियों को कार समेत दबोच लिया। इस बीच प्रेमी युगल की हालत बिगड़ने लगी। उन्हें रुड़की अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से इन्हें दून अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उधर, लड़की ने अपने बयान में खौफ के चलते जहर खाने की बात कही।
परिजनों ने खुद को दिल्ली पुलिस का बताया
रुड़की में पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का बताकर स्थानीय पुलिस को गच्चा देने की कोशिश की। एक आरोपी ने किसी को दिल्ली पुलिस का एएसआई बताकर फोन पर बात भी कराई। कथित एएसआई ने खुद को एंटी टेरर ऑफिसर बताया। यह सुनकर पुलिस पूरा खेल समझ गई। बाद में हरिद्वार पुलिस ने पहुंचकर सभी को हिरासत में लिया। इससे पहले बांके बिहारी लॉज और शीला सदन में भी आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस से जुड़ा बताया था।