अगले साल कुंभ से पहले बाहर से आने वाले वाहनों को सीएनजी गैस मिलने लगेगी। दावा किया जा रहा है कि दिसंबर तक जगजीतपुर में बायोगैस प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। पांच करोड़ की लागत से बनने वाले प्लांट से रोजाना 2500 किलो बायोगैस का उत्पादन होगा।
हरिद्वार जलसंस्थान अनुरक्षण इकाई विभाग एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) प्लांट से जल्द सीएनजी का उत्पादन शुुरू करने जा रहा है। करीब दो वर्ष पूर्व शासन से स्वीकृति मिलने विभाग ने बायोगैस प्लांट के निर्माण के लिए एनारोबिक एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया था। पांच करोड़ की लागत से बनने वाले प्लांट का आधा निर्माण पूरा कर लिया गया। प्लांट की रिफाइनरी तैयार हो गई। अब शहरी विकास निदेशालय से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जगजीतपुर चौकी के पास फिलिंग स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विभाग का दावा है कि दिसंबर माह तक प्लांट उत्पादन शुरू कर देगा।
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विभाग को मिलेगा डेढ़ करोड़ का राजस्व
बायोगैस प्लांट का निर्माण एनारोबिक एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कराया जा रहा है। निर्माण का पूरा खर्च कंपनी उठा रही है। प्लांट का संचालन शुरू होने के बाद प्रत्येक सात साल में कंपनी विभाग को डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।
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बायोगैस प्लांट की रिफाइनरी का निर्माण पूरा कर लिया है। अगले चार माह में फिलिंग स्टेशन भी तैयार कर लिया जाएगा। प्लांट का संचालन विभाग की देखरेख भी किया जाएगा।
- अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान अनुरक्षण इकाई