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चारधाम यात्रा, हरिद्वार में ढूंढे से भी नहीं मिल रही टैक्सी

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उत्तराखंड के चारधाम में शुरू हुई यात्रा में श्रद्धालुुओं का सैलाब उमड़ रहा है। जैसे-जैसे यात्रा अपने अंतिम चरण की तरफ पहुंच रही है। वैसे-वैसे यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार से यात्रियों को टैक्सी नहीं मिल पा रही है। अब ट्रेवल्स एजेंसी के संचालक पड़ोसी जिलों के अलावा यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर व बिजनौर से टैक्सी मंगवा रहे हैं। 17 अक्तूबर के बाद तो यात्रियों को वाहनों के लिए मुहंमांगे दाम देने पड़ेंगे।
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कोरोना काल के चलते प्रतिबंधित हुई चारधाम यात्रा में अब असिमित संख्या में श्रद्धालु जा रहे हैं। चारधाम यात्रा इस समय अपने पूरे यौवन पर है। यात्रा के चलते जहां धर्मनगरी के कारोबार को काफी राहत मिली है। वहीं अब चार नवंबर तक हरिद्वार में ढूंढे से भी टैक्सी व टेंपो ट्रेवलर नहीं मिल रहे हैं। इसके लिए ट्रेवल्स एजेंसी संचालक अब पड़ोसी जिलों व यूपी के जिलों से मुंहमांगे दामों पर टैक्सियां बुलाकर उन्हें आगे भी मुंहमांगे दामों पर दे रहे हैं। चौहान ट्रेवल्स के सोनित चौहान ने बताया कि हरिद्वार में टैक्सियां नहीं हैं। 17 अक्तूबर के बाद तो बंगाल के यात्रियों की भारी भीड़ हरिद्वार में नजर आएगी।
निजी वाहनों से भी पहुंचे यात्री
नवरात्र व दशहरा पर्व समाप्त होने के बाद यूपी, दिल्ली और हरियाणा के यात्री अपनी निजी कारों से भी उत्तराखंड की चारधाम यात्रा करेंगे। इनमें से अधिकतर वाहन चालक ऐसे भी होंगे, जिन्हें पहाड़ों पर वाहन चलाने का अनुभव नहीं होगा। ऐसे में कोई दुघर्टना भी घट सकती है। वहीं बाइकों से भी यात्री अब चारधाम की यात्रा करेंगे।
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बंगाल और गुजरात से यात्रियों की आएगी भीड़
17 अक्तूबर के बाद बंगाल और गुजरात से यात्रियों की भीड़ चारधाम यात्रा के लिए उमड़नी शुरू हो जाएगी। बंगाल से आने वाले यात्री दुर्गा पूजा महोत्सव के बाद धर्मनगरी में यात्रा करने के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ ही गुजरात से भी यात्री दुर्गा पूजा के बाद उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के लिए पहुंचेंगे।
ग्रीन कार्ड बनवाए बिना दौड़ रही अधिकतर टैक्सियां
चारधाम यात्रा के शुरू होते ही परिवहन विभाग ने यात्रा मार्ग पर चलने वाले वाहनों खासकर टेंपो-ट्रेवलर व टैक्सियों के लिए ग्रीन कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया था। ट्रेवल्स व्यापारियों ने शुरुआती दो या तीन दिन तक तो अपने वाहनों का ग्रीन कार्ड बनवाया, लेकिन जैसे ही यात्रा ने तेजी पकड़ी वैसे ही यात्रा पर ग्रीन कार्ड बनवाने बंद कर दिए। इस समय यात्रा मार्ग पर ज्यादातर टैक्सी व टेंपो ट्रेवलर बिना ग्रीन कार्ड के ही दौड़ रहे हैं।
यात्रा पर जाने वाली गाड़ियों का ग्रीन कार्ड चेक किया जा रहा है। इसके साथ ही यदि किसी यात्री से ओवर रेटिंग वसूली जा रही है तो वह परिवहन विभाग की वेबसाइट पर इसकी शिकायत प्रमाणपत्रों के साथ कर सकता है। यात्री की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
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-मनीष तिवारी, एआरटीओ, हरिद्वार।
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