हरिद्वार। चारधाम यात्रा चरम सीमा पर है। इसके बाद भी नेशनल हाईवे पर बने पुल जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। प्रशासन की लापरवाही के कारण इन्हें अभी भी ठीक नहीं कराया जा रहा है। कभी भी यह लापरवाही हादसों का कारण बन सकती है।
पूरा अर्द्धकुंभ बीत गया। करोड़ों रुपये व्यवस्थाओं पर खर्च करने के बाद भी मेला प्रशासन ने हाईवे पर बने पुलों की सुध नहीं ली। कभी इसे पीडब्लूडी, कभी मेला प्रशासन तो कभी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का काम बताया जाता रहा। अर्द्धकुंभ बीत जाने के बाद प्रशासन पर चारधाम यात्रा को सकुशल संपन्न कराने की बड़ी जिम्मेदारी है। आजकल चारधाम यात्रा चरम पर चल रही है। हरिद्वार से होते हुए ही चारधाम यात्रा के लिए हजारों वाहन जाते हैं, लेकिन पुलों की टूटी हुई रेलिंग हादसों को दावत दे रही है। सिंहद्वार के पास बना पुल, जटवाड़ा पुल तथा आयरिश पुल की हालत खराब है। जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने बताया कि संबंधित विभागों के अधिकारियों से वार्ता कर इन पुलों को ठीक कराया जाएगा।