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समय के साथ आधुनिक व स्टाइलिश हुए छाते व रेनकोट

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बदलते युग में अब बरसात में उपयोग होने वाले रेनकोट व छाते भी स्टाइलिश व आधुनिक हो गए हैं। बाजार में बच्चों के लिए भी कार्टून कैरेक्टर वाले छातों की भरमार है। बरसात के सीजन में हर तरफ कलरफुल रेनकोट व छतरी दुकानों पर खरीदने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
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बरसात शुरू होते ही रेनकोट व छातों की इस्तेमाल बढ़ गया है। बाजार में अलग-अलग रेनकोट ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं और प्रतिदिन इनकी बिक्री बढ़ ही है। जेंटस रेनकोट में अधिकतर टू पीस यानी कि सूट और पजामे की अधिकतर बिक्री हो रही है। वहीं महिलाओं और बच्चों के लिए लंबे रेनकोट की ही अधिक बिक्री हो रही है। महिलाओं और बच्चों के लिए लंबे रेनकोट का अधिक चलन है। यह पीवीसी फेब्रिक के बने हैं। इनकी रेंज 250 से लेकर 500 रुपये तक की है। महिलाओं के लिए लंबे रेनकोट कलरफुल होते हैं। इसमे रेड, स्काई, ब्ल्यू आदि उपलब्ध हैं। इसके साथ ही प्रिंटेड लंबे रेनकोट भी हैं। वहीं बच्चों के अधिकांश रेनकोट कार्टून करेक्टर शामिल हैं। इसमें डोरेमोन, छोटा भीम, मिक्की माउस आदि शामिल है।
कलरफुल रेनकोट बने युवाओं की पसंद
इस बार सबसे ज्यादा स्कर्ट टॉप पैटर्न में आया रेनकोट पसंद किया जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि यह रेनकोट अलग दिखने के साथ-साथ पूरी तरह पानी से बचाता है। इसमें पानी रिसकर नहीं पहुंचता और कपड़े भी पूरी तरह सूखे रहते हैं। इस कारण सिटी गर्ल्स इसे बेहद पसंद कर रही है। लड़कियों में फुल लेंथ रेनकोट की डिमांड सबसे ज्यादा है। सिंगल पीस होने की वजह से इसे कैरी करना आसान होता है। रेनकोट की कीमत तीन सौ से शुरू होकर दो हजार तक की रेंज में है।
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छतरी भी हैं खास
रेनकोट के साथ बाजार में कलरफुल छतरी की भी डिमांड है। अब काला छाता है ही नहीं। बच्चों के लिए छोटी-छोटी छतरी हैं, जिनकी कीमत केवल 100 से 150 रुपये है। अब लोग कलरफुल छतरी को पसंद करते हैं। इनमें रेड, पिंक, ग्रीन, येलो, ब्लू, ऑरेंज जैसे कलर्स आकर्षित कर रहे हैं।
बरसाती जूते-चप्पल बाजार में
बरसाती जूते भी समय के साथ फैंसी और हल्के हो चुके हैं। पहले इस मौसम में प्लास्टिक के जूते ही दिखाई देते थे। अब ग्राहकों की डिमांड को देखते हुए नामी कंपनियों ने भी सस्ते और खूबरसूरत जूते, सैंडिल और चप्पल बाजार में उतारा है। फुटवियर के संचालक आशीष ने बताया कि बाजार में गम बूट, बटन बूट, सैंडिल और चप्पलों की कई वैरायटी है।
इस साल बाजार से अच्छी उम्मीद
रेनकोट व छाता विक्रेता संजय कुमार ने बताया कि पिछले साल बारिश कम होने की वजह से माल की बिक्री ही नहीं हुई थी। बगैर रेनकोट और छतरी के बारिश निकल गई थी, लेकिन इस वर्ष ऐसा नहीं है। मानसून इस बार समय पर आया है। बारिश भी अच्छी हो रही है। ऐसे में रेनकोट के साथ छतरी और रेनकोट का व्यापार भी बढ़ेगा।
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