हरिद्वार। कभी सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी तो कभी पुलिस चौकी को आग के हवाले करना। कभी मुठभेड़ मेें जवानों का शहीद होना तो कभी आतंकियों के नमाज ए जनाजा में भीड़ का उग्र होना। सुलगते कश्मीर में हाल फिलहाल सामने आई ऐसी अनगिनत घटनाओं का असर कांवड़ मेले में राष्ट्रवाद की गंगा के रूप में देखने को मिल रहा है। जहां आस्था के सैलाब में 50 शिवभक्तों में से एक कांवड़िए के हाथ में तिरंगा थामे है। शिवभक्तों के जज्बात पढ़ने से पता चलता है कि कश्मीर के ताजा घटनाक्रम ने देशवासियों के मन में राष्ट्रवाद को खाद देने का काम किया है।
19 जुलाई को शुरू हुआ श्रावण मास कांवड़ मेला अब अंतिम दौर में है। इस दौरान दिल्ली, यूपी, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के लाखों शिवभक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे। आस्था के इस मेले में राष्ट्रवाद का रंग अनायास ही सबको अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। ऐसा नहीं है कि मेले में देशभक्ति की झांकी पहली बार नजर आई हो लेकिन इतने बड़े पैमाने पर पहले कभी तिरंगे लेकर श्रद्धालु हरिद्वार नहीं पहुंचे। पैदल कांवड़ियों से लेकर दुपहिया, चौपहिया वाहनों से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के साथ तिरंगे ही तिरंगे दिखाई दे रहे हैं। इसके पीछे कारण जानने की जिज्ञासा हरिद्वार से कश्मीर ले जाती है। सोशल मीडिया के इस दौर में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर जल्द समाज में दिखाई देता है। इसमें भी बात जब कश्मीर की हो तो हर हिंदुस्तानी का सीना जोश और जुनून से भर जाता है। हरियाणा के सोनीपत से आए रमेश कुमार, मेरठ के सुशील चौधरी और नजफगढ़ के आर्येंद्र का कहना है कि सरहद पार बैठे आतंकी कश्मीर को सुलगाकर भारत को अस्थिर करना चाहते हैं, मगर देश के नौजवान ऐसा कतई नहीं होने देंगे।
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पहली बार पहुंचा 101 फीट लंबा तिरंगा
इस बार कांवड़ में तिरंगे को लेकर श्रद्धालुओं के जोश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहली बार कांवड़ में 101 फीट लंबा तिरंगा श्रद्धालु लेकर पहुंचे। मेरठ से यह विशाल तिरंगा लेकर हरिद्वार पहुंचे शिवभक्तों ने जगह-जगह रुककर लोगों को देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया।