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बड़ी राहत: कोरोना मरीजों से खाली हुए अस्पताल

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कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ी तो इसका असर पर अस्पतालों पर भी दिखने लगा है। अप्रैल और मई के महीने में जिन कोविड अस्पताल में मरीजों को एक बेड नहीं मिल पाता था, उनमें से अधिकांश खाली हो गए या फिर गिनती के मरीज ही उपचार करा रहे हैं। जनपद के 24 कोविड अस्पतालों में अब केवल 60 मरीज ही उपचार करवा रहे और एक्टिव केस भी साढ़े पांच सौ के आसपास हैं। अब प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के साथ आम आदमी भी राहत महसूस कर रहा है।
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मार्च के अंतिम सप्ताह में देश के अन्य राज्यों के साथ उत्तराखंड में भी कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने लगी थी। हरिद्वार जिला भी अछूता नहीं रहा था। अप्रैल में शाही स्नान के बाद एकाएक मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। मरीजों को ग्राफ ऐसा बढ़ा कि सरकार के तमाम इंतजाम कम पड़ने लगे थे। आईसीयू बेड और ऑक्सीजन को लेकर मारामारी हो गई थी। बाजार में कोविड की दवाओं का संकट खड़ा हो गया था। कोविड के उपचार में काम आने वाली सामग्री के दाम कई गुना बढ़ गए थे। हर तरफ अफरा तफरी का माहौल नजर आता था। कोविड श्मशान घाटों का नजारा डराने वाला था।
अब तस्वीर कुछ बदली बदली नजर आने लगी है। मई के अंतिम सप्ताह के बाद से कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने लगी। 15 मई के आंकड़ों पर नजर डालें तो 799 कोरोना मरीज जनपद के अस्पतालों में उपचार करा रहे थे। अब एक माह बाद रविवार को जनपद के अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या घटकर 60 रह गई है। इसी तरह से कोविड केयर सेंटरों में भी जहां 15 मई को 50 मरजी भर्ती थे, अब वह घटकर महज छह हो गई है। इसी तरह से 15 मई को होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों की संख्या 3736 थी। अब 496 पर आ गई है।
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चार दिन से सौ से कम आ रहे केस
पिछले चार दिनों से कोरोना मरीजों के केस भी सौ से कम आ रहे हैं, जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ढाई से पांच सौ से अधिक है। संक्रमितों से कई गुना मरीजों के स्वस्थ होने से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले सप्ताह में जनपद कोरोनो से मुक्त हो जाएगा।
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बड़े कोविड अस्पताल के आंकड़े
अस्पताल का नाम -बेड क्षमता - वर्तमान में भर्ती मरीज
मेला अस्पताल 70 03
बाबा बर्फानी 150 01
बेस अस्पताल 150 0
सिविल अस्पताल रुड़की 60 0
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ऑक्सीजन की डिमांड भी नाममात्र
इसका असर पर अब ऑक्सीजन की डिमांड पर भी दिखाई देने लगा है। भेल के ऑक्सीजन प्लांट से अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक हर रोज तीन हजार तक सिलिंडर बाहर भेजे जा रहे थे। अब यहां से प्रतिदिन करीब दो सौ सिलिंडर ही भेजे जा रहे हैं। इसी तरह से श्री गुरु नानक देव धर्म प्रचार समिति भेल ने भी खाने के साथ ऑक्सीजन की सेवा शुरू की थी। समिति के सचिव सुखदेव सिंह ने बताया कि पिछले महीने तक रोजाना आठ से दस सिलिंडर की डिमांड आती थी। अब यह घटकर दो से तीन हो गई है।
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अब भी बरतनी होगी सावधानी
कोरोना संक्रमण भले ही कम हो गया हो, लेकिन चिकित्सकों का कहना था कि लोगों को अब भी सावधानी बरतनी है। लापरवाही भारी पड़ सकती है। सीएमओ डॉ. एसके झा का कहना है कि सभी लोगों को शारीरिक दूरी का पालन करना चाहिए और मास्क जरूर पहनें। पहले की तरह बार-बार साबुन से हाथ धुलते रहें।
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44 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव, एक की मौत
हरिद्वार। जनपद में रविवार को 44 कोरोना के मरीज मिले, जबकि एक मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई। 254 कोरोना के मरीज ठीक भी हो गए। सीएमओ डॉ. एसके झा ने बताया कि जनपद के अधिकृत अस्पतालों में 20 व्यक्ति भर्ती हैं, अधिकृत कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में 40 मरीज भर्ती हैं। कोविड केयर सेंटरों में 06 मरीज रखे हुए हैं। होम आइसोलेशन में 496 मरीज हैं। जिले में फिलहाल 562 एक्टिव केस हैं। जनपद में अभी तक कुल पॉजिटिवों की संख्या 50311 हो गई है। रविवार को 5031 व्यक्तियों के सैंपल जांच को लिए गए हैं। अभी कुल 5390 व्यक्तियों की सैंपल रिपोर्ट आनी बाकी है। जनपद में एक्टिव कंटेनमेंट जोन 17 हैं।
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