लालढांग। लालढांग-चिल्लरखाल वन मोटर मार्ग पर उत्तराखंड राज्य बनने के 20 वर्षों बाद पहली बार डामरीकरण कार्य शुरू हो गया। डामरीकरण की सालों से मांग उठ रही थी। इससे कोटद्वार से हरिद्वार-देहरादून की राह आसान हो जाएगी। इससे ग्रामीणों में जश्न है।
डामरीकरण की मांग को लेकर कंडी रोड संघर्ष समिति की ओर से कई बार धरना प्रदर्शन भी किया। कच्चा मार्ग होने से कोटद्वार जाने के लिए घंटों का समय लगता था, जबकि यह कोटद्वार से देहरादून, हरिद्वार जाने के लिए उत्तराखंड राज्य का महत्वपूर्ण मार्ग है। अब डामरीकरण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों को क्षेत्र के विकास की उम्मीद भी जगी है। व्यापार मंडल लालढांग और क्षेत्रवासियों ने वनमंत्री हरक सिंह रावत के का आभार जताया है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि लालढांग चिल्लरखाल वन मोटर मार्ग के डामरीकरण होने से लालढांग का सर्वांगीण विकास होगा। ग्रामीण संजीत टांक, दिनेश कर्णवाल, सोनू वर्मा, रणजीत सिंह, नेगी, श्रेष्ठ कुमार चौहान, कैलास अधिकारी, विजेंद्र कुमार, वसीम शाह, सुभान अली, रोहित नेगी और आशीाष नेगी ने कहा कि इससे आवागमन आसान होगा। लालढांग वनक्षेत्राधिकारी प्रदीप उनियाल ने बताया कि लालढांग चिल्लरखाल वन मोटर मार्ग पर बृहस्पतिवार को डामरीकरण का काम शुरू कर दिया गया।