बेरोजगारों को काम दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े में फंसाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अगस्त में हरिद्वार में भी इसी तरह का मामला सामने आ चुका है।
इसलिए हरिद्वार नगर कोतवाली पुलिस उनसे पूछताछ करने के लिए रवाना हो गई है। सूत्रों की माने तो आरोपियों ने देहरादून में भी बैंक से जालसाजी करने की बात कबूली है।
अगस्त में भीमगोडा में कुछ लोगों ने रोजगार देने के लिए कार्यालय खोलकर भर्ती शुरू की। जिसमें ऋषिकेश के एक युवक राहुल शर्मा को उन्होंने अपने झांसे में फंसा लिया।
उसे साढ़े 12 लाख रुपये का चेक देकर भुगतान कराने के लिए सप्तऋषि आश्रम में पीएनबी की शाखा में भेज दिया। बैंक अधिकारियों को चेक फर्जी मालूम हुआ तो उन्होंने खाताधारक से पूछताछ की।
पता चला कि किसी ने यह चेकबुक धोखाधड़ी करके जारी करा ली है। बैंक ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने युवक को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया।
एसआई एमएस रावत ने बताया कि इसी तरह बैंक से जालसाजी का मामला बरेली में भी आया। वहां पर जालसाजों ने बैंक से 20 लाख रुपये निकाल लिए और फरार हो गए। तभी से बरेली पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
शनिवार को बरेली पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। सूत्रों की माने तो आरोपियों ने हरिद्वार और देहरादून में भी बैंक से जालसाजी की बात कबूली है। मामले की पड़ताल करने के लिए हरिद्वार से भी पुलिस टीम बरेली रवाना कर दी गई है।