नौकरी से निकाले जाने से क्षुब्ध होकर लक्सर की एक महिला ने गंगनहर में कूदकर जान देने की कोशिश की। जल पुलिस ने महिला की जान बचा ली। शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। गंगनहर में कूदने से पहले महिला ने सिंहद्वार गंगा घाट पर छोड़े एक पत्र में पथरी की एक औद्योगिक इकाई के प्लांट हेड को जिम्मेदार ठहराया है।
शुक्रवार सुबह सिंहद्वार पुल के पास राहगीर उस वक्त हैरान रह गए जब एक महिला ने गंगा घाट पर अपना सामान छोड़कर गंगनहर में छलांग लगा दी। महिला के गंगनहर में कूदने की सूचना मिलने पर जल पुलिस के गोताखोर गौरव शर्मा, प्रवीण शर्मा पहुंच गए, उन्होंने करीब एक किलोमीटर की दूरी पर महिला को गंगनहर से बाहर निकाल लिया। एक निजी अस्पताल में भर्ती कराई गई महिला ने अपना नाम मीनाक्षी (32) पत्नी योगेश निवासी गांव निरंजनपुर लक्सर बताया।
गंगा घाट पर महिला के सामान के साथ साथ एक पत्र भी मिला। पत्र में महिला ने पथरी क्षेत्र की एक नामी औद्योगिक इकाई के प्लांट हेड पर बिना वजह नौकरी से निकालने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की मुख्य वजह बताई है। लिखा है कि वह अपने पति से अलग होकर मायके गांव रानीमाजरा में रह रही है और उसके दो बच्चे उसके पास हैं, जिन्हें उसकी बहन को सौंप दिया जाए। कंपनी से मिलने वाले पीएफ को उसकी मां को दे दिया जाए और पुलिस उसके परिजनों को तंग न करे। एसएसआई सुनील रावत ने बताया कि महिला की हालत खतरे से बाहर है।