आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जल संरक्षण और संवर्धन के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए शुरू की गई अमृत सरोवर योजना से गंदगी में तब्दील तालाबों का सौंदर्यीकरण कर अमृत सरोवर के रूप में ढाला जाएगा। इन तालाबों में हर समय पानी रहेगा। स्वतंत्रता दिवस तक पहले फेज में 18 तालाबों का सौंदर्यीकरण कर उन्हें विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। ताकी तालाबों पर स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण भी किया जा सके।
केंद्र सरकार की ओर से लोगों को जल का महत्व समझाने और उसे संरक्षित करने के लिए अमृत सरोवर योजना शुरू की गई है। योजना के तहत प्रत्येक जिले में 2022 में 75-75 तालाबों को सौंदर्यीकरण कर अमृत सरोवर के रूप में पहचान दिलानी है। इनमें तालाब बनाने के साथ ही पुराने तालाबों को संवारा जाना है। जिले में पहले फेज में 18 तालाबों को अमृत सरोवर बनाए जाने का ल्क्ष्य रखा गया है। इन्हें स्वतंत्रता दिवस तक विकसित किया जाना है।
तालाबों को अमृत सरोवर बनाने के लिए मनरेगा और अन्य बजट से दस से 45 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। जिससे तालाबों में घरों से पहुंचने वाले गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर डालने की व्यवस्था और तालाबों की सफाई और खुदाई भी की जाएगी। तालाबों के किनारों पर फूल, छायादार और औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। जल संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों के साथ ही तालाबों के किनारों पर ग्रामीणों के लिए मार्निंग वॉक करने के लिए स्थान भी तैयार किए जाएंगे।
अवैध कब्जों से मिलेगी मुक्ति
अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों को अवैध कब्जों से बचाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। जिसमें तालाबों की चारों तरफ की पक्की दीवारें बनाई जाएंगी। इससे तालाबों से आने वाले समय में अवैध कब्जों से मुक्ति दिलाए रखने में मदद मिल सकेगी। तालाबों बचाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक भी किया जाएगा।
बनेंगे पिकनिक स्पॉट, लगेंगे ओपन जिम
तालाबों को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही तालाबों के किनारों पर ओपन जिम बनाए जाएंगे। जिससे लोग ओपन जिम से व्यायाम आदि कर अपने शरीर को भी स्वस्थ रख सकें। तालाबों के किनारों पर लाइटों की व्यवस्था भी जाएगी। तालाबों पर ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक, धार्मिक कार्यक्रम, रामनवमी, जन्माष्टमी, राष्ट्रीय पर्व आदि के आयोजन किए जाएंगे।
अमृत सरोवर तालाब बनाने का मकसद लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। ताकि जल संरक्षण कर जल संकट से बचा जा सके। अमृत सरोवर के रूप में चयनित तालाबों के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही उनका सौंदर्यीकरण हो जाएगा।
- वेदप्रकाश, जिला विकास अधिकारी, हरिद्वार