उत्तराखंड राज्य अधिवक्ता महासंघ के अधिवेशन में अधिवेशन में वकीलों ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की कि प्रैक्टिस करने वाले नए अधिवक्ता को पांच साल तक मानदेय दिया जाए। इसके अलावा सम्मेलन में पांच लाख तक का बीमा करने, निशुल्क चिकित्सा सुविधा और हरिद्वार में हाईकोर्ट की बैंच खोलने की मांग की गई।
शनिवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज के सभागार में उत्तराखंड राज्य अधिवक्ता महासंघ अधिवेशन में वकीलों ने अपनी समस्याओं पर मंथन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि प्रैक्टिस करने वाले नए अधिवक्ताओं को पांच साल तक मानदेय मिलना चाहिए, ताकि उसका भरण पोषण होता रहे। इसके अलावा प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के लिए राज्य सरकार की ओर से पांच लाख का बीमा, सेवानिवृत्ति आयु के बाद पेंशन, निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और हरिद्वार में हाईर्कोअ बैंच खोलने की मांग उठाई।
पूर्व सांसद महेंद्र पाल ने अधिवक्ताओं के कार्य को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए चुनौतिपूर्ण बताया। इनके अलावा अधिवक्ताओं ने न्यायिक प्रणाली में बदलाव की मांग उठाई।अधिवेशन का संचालन महासंघ के उपाध्यक्ष सुधीर त्यागी ने किया। इस मौके पर बार कौंसिल की पूर्व अध्यक्ष रजिया बेग, पूर्व राज्यमंत्री मनोहर लाल शर्मा, पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार, संघ के महामंत्री राव मुनफैद अली खा, उमेश जोशी, रौनक अली, महेश भट्ट, राव नवैद, विनोद चौहान, श्रीकांत, कपिल, अमित कुमार आदि शामिल हुए।