शारदा एवं ज्योर्तिपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने देवभूमि उत्तराखंड में शराबबंदी करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा जैसे धार्मिक स्थल होने के बावजूद नशा बिकना दुर्भाग्य है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण में संतों का सहयोग जरूरी बताया।
बुधवार को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मचारी ब्रह्मस्वरूप, सतपाल ब्रह्मचारी, भारत साधु समाज के राष्ट्रीय सचिव स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी शिवानंद, स्वामी ऋषिरामकृष्ण आदि संतों ने मुलाकात की। इस मौके पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि देवभूमि में किसी भी प्रकार का नशा पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। उन्होंने शराब बिकवाने के मामले पर राज्य सरकार के कोर्ट में जाने के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने संतों से राम मंदिर निर्माण में सहयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए रामालय ट्रस्ट प्रयासरत है और दुनिया के करोड़ों हिंदुओं की आस्था राम मंदिर में है। उन्होंने गंगा को प्रदूषित होने से रोकने के लिए गंगा के किनारे पर चल रही रासायनिक औद्योगिक इकाइयों को बंद करने की मांग की।