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चारधाम यात्रा : स्लॉट मिला 1500, यात्री पहुंचे आठ गुना

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I- कड़े संघर्षों के बाद निर्धारित स्लॉट पर यात्रियों ने कराया पंजीकरण
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I- देशभर के कई राज्यों से आए यात्रियों ने जताया व्यवस्था पर आक्रोशI

मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय और आईजी गढ़वाल के निरीक्षण के बाद एक जून से ऑफलाइन पंजीकरण के लिए फिर से काउंटर शुरू किए गए। शासन के निर्णय के हरिद्वार केंद्र को 1500 स्लॉट दिए गए। लगातार एक सप्ताह से भी अधिक समय से पंजीकरण बंद होने के चलते निर्धारित स्लॉट से करीब आठ गुना अधिक भीड़ जुट गई।



हरिद्वार के ऋषिकुल ग्राउंड में पंजीकरण के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस कर्मियाें ने व्यवस्था संभालने के लिए यात्रियों को कतारबद्ध कराया। महिला, युवा और वृद्ध सुबह से ही पंजीकरण के लिए लाइनों में लग गए थे। सुबह आठ बजे तक पंजीकरण शुरू नहीं होने पर यात्रियों ने मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों से बहस शुरू कर दी।
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टैंट के बाहर आधे से ज्यादा लोग कड़ी और चिलचिलाती धूप में खड़े रहे। प्रशासन ने प्याऊ और टैंट में कूलर और पंखे की व्यवस्था की गई है, लेकिन टैंट से बाहर खड़े लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। पहले पंजीकरण कराने की होड़ में अधिकांश यात्री देर रात ही कैंप में पहुंच गए थे।



Iस्लॉट फुल होने के बाद निराश लौट गए यात्रीI

चारधाम यात्रा में पंजीकरण लिए निर्धारित स्लॉट महज दो घंटे में ही फुल हो गया। इसके चलते शेष यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ा। उत्तर प्रदेश हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र उड़ीसा व बिहार समेत कई अन्य राज्यों से आए यात्रियों ने स्लॉट फुल होने की सूचना प्रसारित होने के बाद हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि पर्यटन अधिकारी सुरेश यादव ने सूचना प्रसारित कर बताया कि रविवार को फिर से ऑफलाइन पंजीकरण किया जाएगा। होटल और आश्रमों में रुके यात्री अपने ठिकाने पर लौट गए, लेकिन वाहनों से आए अधिकांश यात्री गंगा घाट और शहर के विभिन्न पार्क में ठहरे।
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Iशनिवार देर शाम ही उमड़ पड़े कई राज्यों के लोगI



साप्ताहिक अवकाश के चलते शनिवार की देर शाम कई राज्यों के लोग धर्मनगरी में आ पहुंचे। शनिवार देर शाम पहुंचे उन तमाम यात्रियों को तो कोई असुविधा नहीं हुई, जिन्होंने पहले से ऑनलाइन होटल आदि बुक किए थे। उन परिवारों को रात इधर-उधर गुजारनी पड़ी जो साप्ताहिक अवकाश को घूमने के लिए निकल पड़े थे। हाईवे पर भी वाहनाें के काफिले रुड़की की ओर से दिनभर गुजरते रहे। धर्मनगरी में भी सभी पार्किंग दोपहर चार बजे के बाद से ही फुल हो चुकी थी। होटल और पार्किंग पैक होने के चलते आश्रम और अखाड़े में लोग कमरा खोजते फिरते रहे।
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