त्रिमूर्ति ट्रेवल्स के स्वामी मुकेश गोयल से रंगदारी मांगने के मामले में फरार चल रहे तीसरे ढाई हजार के इनामी अपराधी सुरेश मोहन उर्फ सुरेश अंतवाल को ज्वालापुर पुलिस ने चाकू के साथ धर दबोचा।
रुड़की कचहरी के बहुचर्चित देवपाल राणा हत्याकांड के मुख्य आरोपी ऋषिपाल राणा के नाम से इसी साल मार्च में त्रिमूर्ति ट्रेवल्स के स्वामी मुकेश गोयल से रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर एवं भाजपा नेता मोनू राणा, उसके एक साथी हरीश पंत को गिरफ्तार कर लिया था। सामने आया था कि चार मार्च को शिवमूर्ति चौक से सटी गली में त्रिमूर्ति ट्रेवल्स के कार्यालय में हिस्ट्रीशीटर मोनू राणा पुत्र अजब सिंह निवासी विकास कालोनी अपने कुछ साथियों के साथ पहुंचा था। आरोप था कि उसने व्हाटसएप कॉल पर ट्रेवल्स व्यवसायी की बात अपराधी ऋषिपाल राणा से कराई थी। आरोप था कि खुद को ऋषिपाल राणा बता रहे शख्स ने ट्रेवल्स व्यवसाय से हिस्सा देने की बात कही थी, वरना गोली मारने की धमकी दी थी। विरोध करने पर हिस्ट्रीशीटर ने ट्रेवल्स व्यवसायी पर असलहा भी तान दिया था, तब ट्रेवल्स व्यवसायी ने शौचालय में घुसकर अपनी जान बचाई थी। फिर गड्ढा पार्किंग (अलकनंदा होटल) में पहुंचकर हिस्ट्रीशीटर मोनू राणा ने रंगदारी अदा न करने पर ट्रेवल्स व्यवसायी को ऐलानिया हत्या की धमकी दी थी। हिस्ट्रीशीटर, उसके साथी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को सुरेश अंतवाल उर्फ सुरेश मोहन पुत्र बलिराम निवासी मकान संख्या ए-11 सुभाषनगर की तलाश थी, जिस पर ढाई हजार का इनाम भी घोषित कर दिया गया था। हरिद्वार पुलिस की बजाय ज्वालापुर पुलिस ने आरोपी सुरेश अंतवाल को दबोच लिया। एससआई सुनील रावत ने बताया कि आरोपी को जेल दिया है। पूरे मामले में दो अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं।
कौन है मोनू राणा
मोनू राणा भाजयुमो का मंडल उपाध्यक्ष रह चुका है और अब भी भाजपा में सक्रिय है। उसका लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास भी है। वर्ष 2017 में पुराना रानीपुर मोड़ के पास केकस एंड बेकस बेकरी में भी मोनू राणा ने तोड़फोड़ कर दी थी। बेकरी स्वामी, उसके बेटों और कर्मचारियों पर जानलेवा हमला किया था। उस वक्त मोनू राणा के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। कुछ दिन बाद ही हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी थी। मोनू राणा के खिलाफ हरिद्वार, ज्वालापुर और कनखल में हत्या का प्रयास, मारपीट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
ऐसे चर्चा में आया था ऋषिपाल राणा
वर्ष 2017 में 20 नवंबर को रुड़की कचहरी कैंपस में कुख्यात सुनील राठी के गुर्गे रहे देवपाल राणा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मूल रूप से पड़ोसी जिले सहारनपुर से ताल्लुक रखने वाले पीएसी से बर्खास्त कांस्टेबल देवपाल राणा हत्याकांड का मास्टर माइंड सहारनपुर का ही ऋषिपाल राणा उभरकर आया था। हरियाणा के तीन भाड़े के शूटरों को हत्याकांड को अंजाम दिया था, जिन्हें दबोच लिया गया था। देहरादून में मुख्य आरोपी ऋषिपाल राणा की एक होटल से नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी हुई थी। वह इन दिनों जमानत पर है। आरोपी ऋषिपाल राणा की पत्नी ननौता से ब्लॉक प्रमुख हैं और पूर्व में देवपाल राणा की पत्नी भी ब्लॉक प्रमुख रही है। इन दोनों के बीच अदावत लंबे समय से चली आ रही थी, जिसका अंत देवपाल राणा की हत्या से हुआ।