पैसों की कमी के चलते नहीं हो रही कीमियोथैरेपी
दो माह से असहनीय दर्द से तड़प रहा है गंगाराम
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। मासूम गंगाराम इलाज के अभाव में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है। कैंसर पीड़ित मासूम असहनीय दर्द से तड़प रहा है। कुष्ठ आश्रम के लोग उसके लिए दुआ मांग रहे हैं, लेकिन उसे दुआ से ज्यादा अभी दवा की जरूरत है। जिसके लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। पहले भी लोगों ने आगे आकर बच्चे की मदद की थी। अब फिर से मासूम जिंदगी मदद को पुकार रही है।
कैंसर पीड़ित ढाई साल का मासूम गंगाराम लालजीवाला स्थित स्वामी विवेकानंद कुष्ठ आश्रम में अपने माता-पिता के साथ रहता है। कुष्ठ रोगी माता-पिता जिगर के टुकड़े का जीवन बचाने के लिए भीख मांगते हैं। परिवार के पास आय का कोई जरिया नहीं हैं। पिता मोटन दास बच्चे के इलाज के लिए कुष्ठ विकलांगता के बावजूद मजदूरी करने को विवश है। पिछले वर्ष मई माह में जौलीग्रांट अस्पताल में बच्चे का इलाज किया गया था। पैसों के अभाव में पिछले दो माह से उसका इलाज नहीं हो पाया है। जिससे उसकी हालत बिगड़ती ही जा रही है। ‘अमर उजाला’ से बच्चे की पीड़ा को बया करते-करते मोटन दास फफक पड़े। बोले, दवाएं नहीं मिलने के चलते बच्चा दर्द से कराहता रहता है।
पहले भी बढ़े थे मदद को हाथ
हरिद्वार। मासूम के इलाज को धनाभाव की खबर ‘अमर उजाला’ ने 12 जुलाई 2012 में भी प्रकाशित की थी। तब शहर के कई लोगों ने बच्चे के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया था। जिसके बाद ही बच्चे की कीमियोथैरेपी हुई और दवाएं खरीदी गई। उसके बाद गंगाराम काफी ठीक हो गया था। लेकिन, पिछले दो माह से पैसे की कमी इलाज में रोड़ा बन गई है। आश्रम के प्रधान महावीर दास ने बताया कि एक बार की कीमियोथैरेपी, जांच और दवाओं का खर्च 30 हजार रुपये आता है। वह इस बीच अस्पताल गए थे, लेकिन अस्पताल ने बिना पैसे इलाज से इंकार कर दिया। ऐसे में लोगों की मदद ही मासूम की जिंदगी बचा सकती है।