हरिद्वार। मध्य प्रदेश सरकार ने कुशावर्त की बिक्री को अवैध ठहरानेे, रजिस्ट्रियां रद्द करने के बाद अभा पाल महासभा और होल्कर महासभा के कार्यकर्ताओं ने रविवार को कुशावर्त जाकर मां गंगा का पूजन किया। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया शीघ्र होल्करवाड़ा स्थित शिव मंदिर को भी मुक्त कराया जाएगा।
गौरतलब है कि अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट के एक सदस्य द्वारा कुशावर्त एवं होल्करवाड़े को अवैध रूप से बेच दिया था। इसके खिलाफ लंबे समय से आंदोलनरत होल्कर महासंघ और पाल महासभा के प्रयासों से मध्य प्रदेश सरकार सक्रिय हुई और देश के 17 जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर होल्कर संपत्तियों की रक्षा का आग्रह किया। मध्य प्रदेश सरकार ने सभी रजिस्ट्रियों को अपने स्तर से निरस्त किया। जिलाधिकारी इंदौर को आदेश दिया गया कि वे हरिद्वार जाकर नगर निगम के खातों में मध्य प्रदेश सरकार का मालिकाना हक दर्ज कराएं। साथ ही होल्करवाड़े का कब्जा भी हासिल कर लें।
इस संबंध में नैनीताल उच्च न्यायालय में एक याचिका भी वादी विजय पाल द्वारा दायर की है। माननीय न्यायालय ने चार सप्ताह का समय जवाब के लिए दिया है। इसी बीच मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हस्तक्षेप करने पर होल्कर महासंघ ने खुशी जाहिर की है। रविवार को विजय पाल सिंह के नेतृत्व में महासभा के एक दल ने कुशावर्त पहुंचकर गंगा पूजन किया। बाद में कार्यकर्ताओं ने होल्करवाड़े के बंद गेट के बाहर ही माल्यार्पण कर भीतर स्थित शिव मंदिर की पूजा-अर्चना की। इस संबंध में जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने बताया कि रजिस्ट्रियां रद्द करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार का आदेश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। यहां गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा बैठाई जांच के बाद मंडलायुक्त उमाकांत ने पहले ही कुशा घाट विक्रय को अवैध घोषित कर डीएम को निर्देश दिया था कि वे कब्जा प्राप्त कर लें। मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति भी मंडलायुक्त ने शासन में सौंपी अपनी रिपोर्ट में की थी।