फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार : दो महिला कर्मचारियों को डरा धमकाकर ग्राहक सेवा केंद्र से उड़ाए 49 हजार

Sun, 10 May 2020 10:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

ज्वालापुर क्षेत्र के एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र में एक ठग ने नाटकीय ढंग से 49 हजार की रकम उड़ा ली। खुद को दरोगा बताकर शातिर युवक ने पहले केंद्र पर मौजूद दो महिला कर्मचारियों को डरा धमकाकर केंद्र से बाहर बाजार में बुला लिया।

विज्ञापन


इसके बाद केंद्र के ताले तोड़कर पूरी वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है। पीड़ित ग्राहक सेवा केंद्र की कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर फर्जी दरोगा की तलाश तेज कर दी है।

क्षेत्र के आर्य नगर चौक के पास एसबीआई बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र है। शनिवार दोपहर यहां एक युवक खाता खुलवाने के लिए पहुंचा था। केंद्र में मौजूद कर्मचारी नैना ने फिलहाल खाता खोलने की बात से इनकार किया, तब युवक केंद्र प्रभारी शीतल का विजिटिंग कार्ड लेकर चला गया।
विज्ञापन


चंद मिनट बाद ही केंद्र प्रभारी शीतल के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल कर रहे शख्स ने खुद को दरोगा बताते हुए कहा कि ग्राहक सेवा केंद्र में एक युवती ने उन दोनों की शिकायत की है। इसलिए उन्हें सिंहद्वार चौक के पास आना है। घबराकर दोनों महिला कर्मचारी सिंहद्वार चौक पर पहुंची। यहां दरोगा बता रहे युवक ने उन्हें कनखल थाने आने की बात कही।

कनखल पहुंचने पर उन्हें ज्वालापुर कोतवाली पहुंचने की बात कही। ऐसे में दोनों सीधे ग्राहक सेवा केंद्र पहुंची तो सन्न रह गई। देखा कि सेवा केंद्र का ताला टूटा हुआ था और दराज में से 49 हजार रुपये गायब थे।

सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव, रेल चौकी प्रभारी सुनील रावत पहुंच गए। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तब एक युवक पूरी वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दे रहा है। कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है।

चोरी का है मोबाइल

वारदात को अंजाम देने में जिस फोन नंबर का इस्तेमाल हुआ है, वह चोरी का मोबाइल है। वह मोबाइल बहादरपुर जट्ट पथरी निवासी युवक सन्नी कुमार का है, जो दस दिन पूर्व चोरी हो गया था। ज्वालापुर के एक अस्पताल में कार्यरत सन्नी भी लगातार उस युवक के संपर्क में बना हुआ था, वह उसे भी दरोगा बताकर रौब झाड़ रहा था। इसी वजह से वह मोबाइल वापस करने का दबाव नहीं बना पा रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें