हरिद्वार। कोरोना काल के करीब चार माह बाद कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को भी खोल दिया गया। हालांकि, पहले दिन जनपद भर में उपस्थिति महज 34.82 फीसदी रही। बच्चों को स्कूलों में थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइज करने व अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए तीन घंटे तक शिक्षण कार्य चला। फिलहाल मिड-डे मील बनाने पर रोक के चलते वह नहीं बन सका।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते 22 अप्रैल से स्कूलों पर ताले लटक गए थे। तब से स्कूलों में शिक्षण कार्य ऑनलाइन चला आ रहा है। बीच में ग्रीष्मकालीन अवकाश हो गया था। कोरोना संक्रमण के प्रभाव के चलते ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद भी स्कूलों को नहीं खोला गया था। सरकार के आदेश पर दो अगस्त से कक्षा नौ से 12 तक स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया गया था। सोमवार से कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए भी स्कूल खोल दिए गए। पहले दिन कक्षा छह से आठ तक पंजीकृत 19216 बच्चों में से 6692 बच्चे पहुंचे। जिन बच्चों के पास मास्क नहीं थे, उन्हें स्कूल प्रशासन ने मास्क दिए। बिना प्रार्थना सभा के बच्चों को सीधे कक्षाओं में भेज दिया गया।
आठ बजे से बिना इंटरवल के 11 बजे तक कक्षाओं में शारीरिक दूरी बनाकर बैठाकर पढ़ाया गया। इसके बाद एक बजे तक अध्यापक ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्कूलों में मौजूद रहे। इससे ऑफलाइन पढ़ाए गए कार्य को बच्चों के व्हाट्सप ग्रुपों में डाल दिया गया ताकि जो बच्चे स्कूलों में नहीं पहुंचे, वे भी घरों पर ही पढ़ सकें। भोजन माताओं को स्कूलों में बुलाया जरूर गया, लेकिन उनसे मिड-डे मील न बनवाकर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सहयोग लिया गया। लंबे समय बाद स्कूल में मिले बच्चे अपने सहपाठियों से मिलकर काफी खुश नजर आए।
नौ से 12 तक की उपस्थिति पहुंची दोगुना
हरिद्वार। स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं के संचालन होने के बाद से धीरे-धीरे छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। दो अगस्त को कक्षा नौ से 12 तक के खुले स्कूलों में पहले दिन जनपद भर में 24.66 प्रतिशत बच्चे ही पहुंचे थे, पर यह संख्या दो सप्ताह बाद दोगुना होकर 48.54 प्रतिशत पहुंच गई। सोमवार को कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाओं में पंजीकृत 46558 बच्चों में से 22603 बच्चे पहुंचे। ऐसे में आने वाले समय में अगर कोरोना से हालात सामान्य रहे तो सभी कक्षाओं की संख्या में इजाफा होगा। वहीं, अगर स्कूलों में सभी कक्षाओं की बात करें तो सोमवार को उपस्थिति 44.29 प्रतिशत रहा। कुल पंजीकृत 125664 बच्चों में से 55658 बच्चे स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए गए।
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वर्जन
सोमवार से कोरोना गाइड लाइन के अनुरूप कक्षा छह से आठ तक की कक्षाओं में भी शिक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। उपस्थिति पहले दिन कम जरूर रही क्योंकि अभिभावकों और बच्चों को स्कूल में आने की छूट है। धीरे-धीरे स्कूलों में संख्या में बढ़ोतरी होने लगेगी।
-डॉ. आनंद भारद्वाज, मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार
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कोरोना गाइड लाइन का कराया पालन
लालढांग। लालढांग राजकीय इंटर कॉलेज में कोरोना काल के बाद से सोमवार को विद्यालय में 6 7 8 की कक्षाएं शुरू हो गईं। इसमें कक्षा 6 में 34 में से 7, 7 में 42 में से 10, 8वीं में 34 में से 10 छात्र-छात्राएं आए। प्रधानाचार्य मदन मोहन शर्मा ने बताया कि आज पहला दिन था, इसलिए बच्चों की संख्या कम रही। वहीं, राजा देवेंद्र सिंह सरस्वती विद्या मंदिर में सोमवार को 6 में 14 व 7 में 20 में से 9 व 8 में 28 में से 16 छात्र-छात्राएं पहुंचे। प्रधानाचार्य रामनारायण बिजल्वाण ने बताया कि बच्चों को कोरोना गाइड लाइन का पालन किया गया।
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कक्षा छह में आया महज एक बच्चा
पथरी। बहादरपुर जट में आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज में जूनियर कक्षा के बच्चे भी स्कूल आए। कॉलेज में कक्षा 6 में 01, विद्यार्थी कक्षा 7 में 10, कक्षा 8 में 18 बच्चे विद्यालय में आए। प्रधानाचार्य धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि विद्यालय में कोविड गाइड लाइन का पालन किया गया।
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पहले दिन कम पहुंचे बच्चे
धनौरी। हरिओम सरस्वती पब्लिक स्कूल में जूनियर कक्षा में सिर्फ 25 छात्र-छात्रा ही पहले दिन आए। वहीं, राजा बाबू पब्लिक इंटर कॉलेज में जूनियर कक्षाओं में मात्र 28 छात्र ही आए। प्रधानाचार्य अंजना सैनी ने बताया कि विद्यालय में एसओपी का पालन किया गया। बच्चों को मास्क लगाने और हाथों को सैनिटाइज करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।